बाजपुर। तीन साल पहले तीन महिलाओं समेत तेरह लोगोें पर दर्ज मुकदमे राजस्व मंत्री यशपाल आर्य के प्रयासों से राज्य सरकार ने वापस ले लिया है। मुकदमे वापस होने पर बुक्सा समाज के लोगों ने आर्य का आभार जताया है।
11 दिसंबर 2009 को जेसीबी की चपेट में आकर गांव बन्नाखेड़ा सानी निवासी बालिका सूरजकला पुत्री लाखन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे लेकर ग्रामीणों एवं पुलिस के बीच पथराव और फायरिंग हुई। पुलिस ने गांव बन्नाखेड़ा सानी निवासी तीन महिलाओं समेत तेरह लोगाें के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 307, 427, 353, 332, 336 और 7 क्रिमनल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले को बुक्सा समाज समेत कई लोगों ने राजस्व मंत्री यशपाल आर्य के समक्ष रखा था। आर्य के प्रयास से राज्य सरकार ने मुकदमे वापस लेने का निर्णय है। संयुक्त सचिव जेपी जोशी ने जिलाधिकारी को भेजे फैक्स संख्या गृह अनुभाग 3/ 21 नवंबर 12 को जारी पत्र में विचाराधीन वाद को वापस लेने को कहा है। साथ कार्रवाई से अवगत कराने को कहा है।
इधर, हिमालयन बुक्सा आदिम जनजाति कल्याण समिति केंद्रीय सचिव जीत सिंह, बुक्सा नेता प्रेम सेंगर, हरी सिंह समेत कई लोगों ने मुकदमा वापस होने पर हर्ष जताते हुए क्षेत्रीय विधायक और काबीना मंत्री आर्य का आभार जताया है। ग्रामीणों ने बताया बालिका सूरजकला साइकिल से ट्यूशन पढ़ने जा रही थी, इस दौरान जेसीबी की चपेट में आकर वह गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका लंबे समय तक उपचार चला था। पुलिस द्वारा पूर्व प्रधान ललिता देवी, शकुंतला, कमलेश देवी समेत तेरह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जो जेल की सजा भी काट चुके हैं। मुकदमों को लेकर लोग परेशान थे।