सितारगंज। सरकारी जमीन पर अवैध होटल बनाने के मामले में प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। यथास्थिति के आदेश के बावजूद लिंटर निर्माण का उपजिलाधिकारी पीसी दुम्का और तहसीलदार ऋचा सिंह ने मुआयना कर तीन दिन के भीतर भवन खाली करने का नोटिस जारी किया है। एसडीएम ने कहा यदि तीन दिन के भीतर भवन खाली नहीं किया गया तो प्रशासन द्वारा भवन को ध्वस्त कराया जाएगा और भवन स्वामी से ध्वस्तीकरण में होने वाले व्यय की वसूली की जाएगी।
सिडकुल मार्ग पर खाता संख्या-641 में वर्ग पांच की बंजर भूमि के खसरा नंबर 96/509 रकवा 0.392 हेक्टेयर में से 42365 वर्ग फीट में शहर के ही एक व्यक्ति द्वारा कब्जा कर उस पर अवैध होटल का निर्माण किया गया है। तत्कालीन तहसीलदार सुंदर सिंह तोमर ने पूर्व में कई बार मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाया था, फिर भी होटल का निर्माण जारी रहा। 23 जुलाई को जिलाधिकारी बृजेश कुमार संत के निर्देश पर तहसीलदार ऋचा सिंह ने मौके पर पहुंचकर निर्माण सामग्री हटवाई और निर्माण न करने की हिदायत भी दी थी। होटल स्वामी ने लिखित में निर्माण न करने की बात भी कही थी।
सरकारी जमीन पर होटल निर्माण के मामले में यथास्थिति के आदेश और तहसीलदार की हिदायत को तीन माह ही बीते थे कि दिवाली के पांच दिन के अवकाश में भवन स्वामी ने होटल का लिंटर डाल दिया। शनिवार को उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार ने राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंच नवनिर्मित लिंटर का निरीक्षण किया और भवन स्वामी को तीन दिन के भीतर भवन खाली करने का नोटिस जारी किया। एसडीएम ने कहा यदि नियत समय पर भवन खाली न किया गया तो प्रशासन द्वारा भवन ध्वस्त कराया जाएगा और भवन स्वामी से ध्वस्तीकरण के व्यय की वसूली भी की जाएगी।
-सरकारी भूमि पर निर्माणाधीन भवन तीन दिन के भीतर अवैध कब्जेदार ने स्वयं खाली न किया तो भवन ध्वस्त कराया जाएगा और खाली कर दिया तो उसे सीज कर राजस्व विभाग को कब्जा दिलाया जाएगा।
-पीसी दुम्का, उपजिलाधिकारी, सितारगंज (ऊधम सिंह नगर)