रुद्रपुर। दुविधा में फंसे शहर के व्यापारियों को एक दिन में करीब चार करोड़ रुपये के कारोबार से हाथ-धोना पड़ा है। इसके लिए शहर के आम व्यापारी, व्यापारिक संगठनों और जिला प्रशासन को दोषी ठहरा रहे हैं। उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि अब 22 नवंबर को अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर पुन: नुकसान नहीं सहेंगे।
व्यापारियों की रजामंदी पर शहर की साप्ताहिक बंदी का दिन जिला प्रशासन ने सोमवार निर्धारित कर रखा है। पखवाड़े भर पूर्व देवभूमि व्यापार मंडल के पदाधिकारी अपर जिलाधिकारी वित्त से मिले और दीपावली पर्व से एक रोज पहले साप्ताहिक बंदी के दिन सोमवार को दुकानें खुली रखने की मांग की। वार्ता में अपर जिलाधिकारी वित्त ने सोमवार को दुकानें खोलने के बदले आगामी 15 नवंबर को दुकानें बंद रखने को कहा तो इस पर व्यापारी राजी हो गए। इसके बाद लाउडस्पीकर के जरिए देवभूमि व्यापार मंडल ने शहर भर में सोमवार को दुकानें खुली रखने की घोषणा की और इस साप्ताहिक बंदी के बदले 15 नवंबर को अपनी दुकानें बंद रखने का आह्वान किया। व्यापारिक हित को देखते हुए नगर उद्योग व्यापार मंडल ने भी समर्थन किया। इस बीच जिलाधिकारी ने दिवाली से पहले के साप्ताहिक अवकाश को 22 नवंबर को समायोजित करने का आदेश दिया। इससे अनभिज्ञ शहर के आधे व्यापारियों ने अपनी दुकानें 15 नवंबर को खुली रखीं तो आधे व्यापारियों ने कारोबार को बंद रखा। इस वजह से शहर के आम व्यापारियों को करीब 4 करोड़ रुपए के कारोबार से हाथ धोना पड़ा है। इस नुकसान के लिए आम कारोबारी व्यापारी नेताओं के साथ ही जिला प्रशासन को दोषी ठहराते हैं। उनका कहना है कि बंद को लेकर व्यापारी नेताओं को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी। अब 22 नवंबर को वह दुकान बंद कर अपना घाटा नहीं सहेंगे।
शहर में प्रतिदिन आठ करोड़ का कारोबार होता है। बंद की गफलत के कारण 50 फीसदी दुकानें नहीं खुलने से करीब 4 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। इसके लिए जिला प्रशासन दोषी है। अभी तक होली-दीपावली जैसे पर्व से पहले पड़ने वाले साप्ताहिक अवकाश के दिन व्यापारी अगर दुकानें खुली रखते हैं तो पर्व के बाद अगले दिन साप्ताहिक बंदी का दिन निर्धारित होता है। इसलिए अब जिला प्रशासन कुछ भी कर ले। मगर व्यापारी 22 नवंबर को अपनी दुकानें बंद रखकर घाटा नहीं सहेंगे।
गुरमीत सिंह, जिलाध्यक्ष, देवभूमि व्यापार मंडल
देवभूमि व्यापार मंडल और जिला प्रशासन के बीच हुई वार्ता में साप्ताहिक बंदी की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। इस वजह शहर के सैकड़ों व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा है। जिसकी भरपाई होनी चाहिए। अब यहां का व्यापारी 22 नवंबर को अपनी दुकानें बंद नहीं रखेगा। अगर जिला प्रशासन ने चालान किया तो विरोध किया जाएगा।
संजय जुनेजा, अध्यक्ष, नगर उद्योग व्यापार मंडल