काशीपुर। भीषण गर्मी में चार ब्लाकों के 60 हैंडपंप वाटर लेवल गिरनेे से सूख गए हैं। इसके अलावा एक ग्रामीण क्षेत्र में सालों से चल रहे आर्टिजन भी गर्मी के चलते सूख गए हैं। लंबी कवायद के बाद जल निगम ने सभी हैंडपंपों में कई मीटर गहराई में पाइप बढ़ाकर इन हैंडपंपों को चलाया है।
पूरे उत्तराखंड में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी से लोगों के हाल-बेहाल हैं, वहीं वाटर लेवल भी कई मीटर नीचे चला गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लगे हैंडपंप सूख गए हैं। जल निगम के चार ब्लाकों में लगे दर्जनों हैंडपंप इस गर्मी में सूख गए थे, जिन्हें जल निगम ने कई मीटर गहराई तक पाइप डाल दोबारा शुरू किया है। तपिश का आलम यह है कि पहली बार साल भर पानी उगलने वाले आर्टिजन भी सूख गए हैं। ब्लाक काशीपुर, जसपुर, बाजपुर एवं गदरपुर का जिम्मा संभाले जल निगम के एई ओपी चौहान ने बताया इस वर्ष गर्मी में दर्जनों हैंडपंप सूखने से विभाग को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने बताया जसपुर ब्लाक के बाबरखेड़ा, ध्याननगर एवं श्यामनगर ग्रामीण क्षेत्र में 20 मीटर तक वाटर लेवल गिरने से 25 हैंडपंप सूख गए थे। इन सभी हैंडपंपों में 24 मीटर तक पाइप बढ़ाकर इन्हें चालू किया गया है।
बाजपुर ब्लाक में ग्राम रामनगर, रतनपुरा, गणेशपुर, चंदनपुरा एवं केलाखेड़ा में 18 मीटर वाटर लेबल गिरने से 15 हैंडपंपों के पानी छोड़ने की शिकायत मिल थी, इन हैंडपंपों में रिपेयरिंग कर 18 मीटर तक पाइप बढ़ाया गए हैं। गदरपुर ब्लाक में महतोष, खेमपुर खनचौपा, खोटाला आदि ग्रामीण क्षेत्र में 15 मीटर तक वाटर लेबल गिरने से 20 हैंडपंप सूख गए थे, इनमें पाइप डाल चालू किया गया।
हैंडपंप मशीन लगाकर चालू किए आर्टिजन
काशीपुर ब्लाक के कुंडेश्वरी क्षेत्र में पहली बार वाटर लेबल गिरने से 12 आर्र्टिजन (स्वत: पानी निकालने वाले) सूख गए थे, इन आर्टिजनों में हैंडपंप मशीन लगाकर इन्हें चालू किया गया है। इस वित्तीय वर्ष में सभी ब्लाकों में 22-22 नए हैंडपंप लगाए गए हैं।
-ओपी चौहान, एई (जल निगम)