गदरपुर। एक सड़क दुर्घटना में आशा कार्यकर्ता की मौत के बाद उसके परिजनों को मुआवजा देने को लेकर सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को बंद करवाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सीएमओ को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
मंगलवार को ब्लॉक क्षेत्र की सैकड़ों आशा कार्यकर्ता सीएचसी में एकत्र हुई। यहां पर कार्यकर्ताओं ने पहले अस्पताल को बंद करवाया। उसके बाद प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बता दे कि सोमवार को आशा कार्यकर्ता रेखा रानी ड्यूटी के दौरान अपने गांव से एक गर्भवती महिला को इलाज के लिए गदरपुर अस्पताल ला रही थीं। महतोश के पार सड़क पर गड्ढा होने पर बाइक गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इलाज के लिए रुद्रपुर ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया।
- सड़क दुर्घटना में आशा कार्यकर्ता की मौत पर मुआवजे को लेकर लामबंद हुई आशाएं
मृतका के परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंचीं पालिकाध्यक्ष अंजू भुड्डी ने कहा कि उनके परिजनों को सरकार द्वारा अधिक से अधिक मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं मौके पर पहुंचे तहसीलदार मदन सिंह बिष्ट को आशाओं ने सीएमओ के नाम मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर ब्लॉक स्तर पर आंदोलन किया जायेगा। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई तो जिला स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में समीम जहां, परमजीत, सुमित्रा रानी, कमलेश, पुष्पा, मिनाक्षी, देवेंद्र कौर, प्रेमा रानी, बिमला रानी, कमलेश अरोरा, सीमा मिगलानी आदि शामिल थी।
अस्पताल बंद होने से मरीजों को उठानी पड़ी परेशानी
आशा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान अस्पताल बंद कराने पर वहां मौजूद मरीजों को भी बाहर निकाला गया। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मामला बिगड़ता देख थानाध्यक्ष ललित मोहन जोशी ने अस्पताल में पुलिस फोर्स भेजी।