जसपुर। सऊदी अरब के अराफात के मैदान में बृहस्पतिवार यानी नौ जिल हिज्जा को वकूफ-ए-अराफात अदा करने के बाद उत्तराखंड के 915 आजमीन आज हाजी हो जाएंगे। इस दौरान अल्लाह के दरबार में देश-प्रदेश की खुशहाली की दुआ मांगी जाएगी।
इसके बाद मक्का शरीफ में तवाफुज्जियारह का रुक्न अदा किया जाएगा। दावत-ए-इस्लामी हज व उमरा के रीजनल निगरां हाजी साजिद हुसैन अत्तारी ने बताया कि नौ जिलहिज्जा को जोहर का वक्त शुरू होने के बाद जो कोई आजमीन एहराम के साथ अराफात में दाखिल हो जाएगा उन्हें हाजी और हज्जन का खिताब मिल जाएगा।
मगरिब की अजान होते ही यहां से हाजी मुज्दलिफा के लिए रवाना हो जाएंगे। मुज्दलिफा में मगरिब और इशा की नमाज एक साथ अदा करेंगे और रात वही गुजारेंगे। फजर के बाद हाजी बड़े शैतान को कंकर मारेंगे। कुर्बानी होने के बाद हाजी एहराम की पाबंदी से आजाद हो जाएंगे।