भूरारानी क्षेत्र में सस्ते दामों में प्लॉट बेचने के नाम पर तीन सगे भाइयों ने एक एनआरआई से नौ लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर कॉलोनी प्रबंधक और उसके दो भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को सौंपी तहरीर में ग्राम जगदीशवाल जसपुर निवासी सतविंदर सिंह पुत्र अजीत सिंह का कहना है कि उसके भाई बलविंदर सिंह विदेश में रहते हैं। वर्ष 2006 में उसने भूरारानी में सस्ते में बेचे जा रहे प्लॉटों का विज्ञापन देखा। विज्ञापन भूरारानी स्थित एलायंस सिटीवन कॉलोनी की ओर से जारी किए गए थे।
सतविंदर ने इसकी सूचना पर बलविंदर को दी। बलविंदर के प्लॉट लेने के लिए राजी होने पर वह विदेश से घर आए और दोनों भाइयों ने क्षेत्र के ही राकेश अरोरा और अमित ढांग के माध्यम से कॉलोनी में एक प्लॉट देखा। बाद में सौदा नौ लाख रुपये में तय हुआ।
इसके बाद उन्होंने एलायंस सिटीवन कॉलोनी के निदेशक सतवीर सिंह, उसके भाई युवराज सिंह एवं अरविंदर सिंह से मुलाकात कर चार किस्तों में प्लॉट की रकम देने की बात तय की। 11 मार्च तक सतविंदर की ओर से प्लॉट की पूरी रकम का भुगतान सतवीर को कर दिया गया। इस दौरान बलविंदर विदेश में ही रहे।
रकम पूरी जमा करने के बाद जब सतविंदर ने प्लॉट का बैनामा कराने के लिए सतवीर और उसके भाइयों से कहा तो उन्होंने तय प्लॉट किसी और को बेचने की बात कही। इस पर सतविंदर को कॉलोनी में ही दूसरा प्लॉट चुनना पड़ा। आरोप है कि कंपनी निदेशक और उसके भाइयों ने दूसरे प्लॉट का न ही बैनामा कराया और न प्लॉट पर सतविंदर को कब्जा दिया।
सतविंदर ने कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंपी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सतविंदर कोर्ट की शरण में गए। कोर्ट के आदेश पर सतवीर के साथ ही उसके भाई युवराज और अरविंदर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।