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इंटार्क के 80 श्रमिक गिरफ्तार

Sun, 02 Dec 2018 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो किच्छा।
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रुद्रपुर पुलिस लाइन में पुलिस कर्मियों से उलझती महिलाएं। - फोटो : Amar ujala
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इंटार्क में आमरण अनशन पर बैठे चार लोगों को पुलिस ने जबरन उठाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इस दौरान धरना स्थल पर बैठे परिजनों, बच्चों के साथ श्रमिकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। पुलिस ने धरने पर बैठे 80 लोगों को गिरफ्तार कर बसों में भरकर पुलिस लाइन भिजवाया।   

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शनिवार दोपहर डेढ़ बजे एसडीएम एनसी दुर्गापाल की अगुवाई में पुलिस कंपनी गेट पर पहुंची। एसडीएम ने आमरण अनशन पर बैठी दो महिलाओं और दो पुरुषों को अस्पताल भर्ती करवाने के लिये सहयोग कराने की बात कही। यूनियन लीडर राकेश कुमार ने एसडीएम की कार्रवाई का विरोध किया।

तो फोर्स ने जबरन चारों एंबुलेंस में बैठाकर जिला अस्पताल भर्ती करा दिया। डा. आरसी गर्ग ने चारों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इधर, महिला कांस्टेबलों से कई महिलाएं बुरी तरह भिड़ गईं। बाद में पुलिस टीम ने सख्त कार्रवाई करते हुए धरने पर मौजूद सभी महिला-पुरुषों को अलग-अलग वाहनों में लादकर पुलिस लाईन भिजवाया।
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कोतवाल मोहन चंद पांडे ने बताया कि धरना स्थल से 20 महिलाएं और 60 श्रमिक गिरफ्तार किए हैं। सभी के खिलाफ केस पंजीकृत करने की तैयारी की जा रही है। बताया कि अनशन पर बैठे हरिकेश यादव, रोहिताश शर्मा, अल्पना शर्मा और जरीन बेगम को रुद्रपुर जिला अस्पताल भर्ती करवाया गया है। 
 
शुक्रवार रात को भी किया था उठाने का प्रयास  
किच्छा। पुलिस टीम ने शुक्रवार देर रात लगभग 11 बजे पुलिस टीम ने धरना स्थल से आमरण अनशन कर रहे श्रमिकों को उठाने का प्रयास किया था। लेकिन रात को प्रशासन की इस कार्रवाई की खबर आंदोलनकारियों को पहले मिल गई जिसके चलते बड़ी तादाद में सिडकुल से श्रमिक इंटार्क के श्रमिकों के समर्थन में यहां पहुंच गए। इसलिए पुलिस ने कार्रवाई रोक दी। 

भारी संख्या में फोर्स और डॉक्टर बुलाए
किच्छा। श्रमिकों को अनशन से उठाने की तैयारी में पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों से भी पुलिस बुला रखी थी। पुलभट्टा थानाध्यक्ष विद्यादत्त जोशी, सितारगंज के कोतवाल संजय कुमार के अलावा दोनों थानों की पुलिस बल और पुलिस लाईन से एक ट्रक महिला पीएसी को इस कार्रवाई के लिये बुलाया गया था। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो दो-दो एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम साथ थी। डॉ. आरसी गर्ग और डा. दीपक पंगरिया ने अनशन पर बैठे लोगों की एंबुलेंस में ही जांच की। 
  
पुलिस की कार्रवाई अलोकतांत्रिक : पनेरु
किच्छा। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री हरीश पनेरु ने पुलिस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया है। उन्होंने कहा कि दो माह से श्रमिक आंदोलन पर बैठे हैं लेकिन किसी भाजपाई जनप्रतिनिधि ने इन श्रमिकों की सुध नही ली। अब कारवाई की तो छोटे छोटे बच्चों के साथ धरने पर बैठे श्रमिकों को जेल भिजवा दिया।  

पुलिस ने टेंट भी उखाड़ा  
किच्छा। पुलिस ने श्रमिकों को गिरफ्तार करने के बाद वहां पर लगा टेंट उखाड़ दिया। पुलिस टीम वहां पर रखा लाउडस्पीकर और अन्य सामान अपने साथ कोतवाली ले आई। पुलिस द्वारा सामान उठाने के कुछ देर बाद ही कंपनी ने धरना स्थल पर कई बड़े-बड़े लोहे के गार्डर रखवा दिए ताकि वहां पर कोई अन्य कार्रवाई ना की जा सके।

पुलिस लाइन में महिलाओं ने काटा हंगामा
रुद्रपुर। अनशन पर बैठी एक महिला का पुलिस ने जिला अस्पताल में जबरदस्ती मेडिकल करवाया। मेडिकल कराने को लेकर महिलाएं पुलिस से उलझ गई और जमकर हंगामा काटा। पुलिस लाइन में मौजूद नर्स से आमरण अनशन पर बैठी जरीना का मेडिकल करवाने के लिए कहा। मगर जरीना ने मना कर दिया।

जरीना के साथ ही अन्य महिलाओं ने हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामा बढ़ता देख पुलिस जरीना को जबरन उठाकर जिला अस्पताल ले गई। इधर, श्रमिकों ने कहा कि दो दिसंबर को फैक्ट्री गेट पर सिडकुल की सभी संगठनों के साथ मिलकर वह मजदूर महापंचायत करेंगे। वहां पर निहारिका सिंह, अखिलेशी देवी, सुनीता, विजय पांडे, विनय कुमार, अजीत कुमार, लक्ष्मण लोधियाल, सौरभ कुमार आदि थे।

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