रुद्रपुर। मेरठ के शास्त्रीनगर कालोनी से लगी जागृति विहार कालोनी निवासी शेयर ब्रोकर पंकज चौहान ने अपनी पत्नी और बेटी की मौत का तानाबाना मेरठ से ही बुन लिया था। रुद्रपुर के जिस होटल में पंकज ठहरा था उसकी पूरी जानकारी पंकज को पहले से ही थी। उसे यह भी मालूम था कि होटल में ज्यादा भीड़भाड़ नहीं रहती है और तीसरी मंजिल तक तो गेस्ट आते भी नहीं हैं। इसलिए उसने 30 अक्टूबर को होटल के तीसरी मंजिल पर अपनी पसंद का कमरा नंबर 201 को चुना। क्योंकि वारदात को अंजाम देने के दौरान उसे पता था कि अगर 36 वर्षीय पत्नी मृदुला चौहान और 11 वर्षीय बेटी वरन्या को जब ठिकाने लगाया जाएगा तो वहां से उनके चीखने की आवाज किसी को सुनाई नहीं देगी। ठीक इसी प्लान से वह अपने परिजनों को गुड़गांव कहकर जाने की बात बताकर सीधे मेरठ से रुद्रपुर चल दिया। पंकज के बैग से एक नया चाकू और बाकायदा फांसी वाली मोटी रस्सी भी उसने रुद्रपुर से नहीं खरीदी, बल्कि मौत का यह यह सारा सामान वह मेरठ से ही लेकर चला था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पंकज चौहान को अगर खुद भी मरना ही था तो आखिर उसने तीन दिन पहले अपनी पत्नी और बेटी की हत्या करने के बाद खुद क्यों सुसाइड नहीं किया। इस बात को अहम पहलू मानते हुए पुलिस अब पंकज के शातिर दिमाग और केस को डबल मर्डर के रूप में देख रही है। हालांकि जिस बेटी को उसने 11 वर्ष तक पाला, पत्नी के साथ एक दशक से अधिक का समय व्यतीत किया आखिर एकाएक व्यापार में घाटा आने से पंकज द्वारा इतना बड़ा कदम उठाना कहीं न कहीं घटना के पीछे बड़ी साजिश की आशंका दिखाई देता है।
इस मामले में एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि मामला पूरी तरह से संदिग्ध है। दोनों शवों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मां-बेटी की मौत तीन दिन पहले ही हो चुकी थी। उसके बाद भी पंकज चौहान होटल के उसी कमरे रह कर खाने-पीने का सामान मंगाता रहा है और अपनों की ही लाशों के बीच ही खाता-पीता और सोता रहा। उसके खुद के जहर खाने का मामला घटना के कुछ घंटे पहले का ही है। होश में आने के बाद पंकज से कई पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी।