रुद्रपुर। राजकीय शिक्षक संघ (राशिसं) की ओर से विभिन्न मांगों लेकर चल रहे आंदोलन में फूट पड़ गई है। प्रांतीय कार्यकारिणी पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए संघ की ऊधमसिंह नगर इकाई ने आंदोलन से खुद को अलग कर दिया है। संघ ने सीईओ के कार्यालय में 31 जुलाई को प्रस्तावित तालाबंदी का विरोध भी किया है।
संघ की ओर से 18 सूत्री मांगपत्र को लेकर देहरादून में क्रमिक अनशन चल रहा है। प्रांतीय कार्यकारिणी की ओर से मांग पत्र में सौ फीसदी स्थानांतरण करने की मांग जोड़ने से संघ की जनपदीय इकाई ने कड़ा ऐतराज जताया है। संघ ने मांगपत्र में बिना जिलों की सहमति के नई मांग जोड़ने को धोखा करार दिया है।
सर्वसम्मति से आंदोलन, क्रमिक अनशन से खुद को अलग रखने का निर्णय लिया है। संघ के जिलाध्यक्ष दीपक वर्मा ने कहा कि 13 जिलों की सर्वसम्मति से 18 सूत्रीय मांगपत्र तैयार किया गया था। इसमें 2008 की कोटिकरण विसंगति को दूर करना, कनिष्ठ और वरिष्ठ की वेतन विसंगति, महिलाओं को 50 वर्ष के बाद स्थानांतरण में छूट आदि मांगें शामिल थीं।
लेकिन प्रांतीय कार्यकारिणी ने मांग पत्र के सभी शिक्षकों के पदों रिक्त पदों के प्रति स्थानांतरण करने की मांग को भी जोड़ दिया गया। प्रांतीय कार्यकारिणी के मनमानी फैसले के विरोध में और जिले के शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए जनपदीय इकाई ने खुद को आंदोलन से अलग कर लिया है।