रुद्रपुर। रुद्रपुर के वार्ड 19 खेड़ा में रहने वाली 70 साल की विधवा वृद्धा निर्मला देवी सरकारी राशन के लिए मोहताज हैं। दो साल से खाद्य आपूर्ति विभाग के चक्कर काट रही हैं लेकिन उनका गरीबी रेखा से ऊपर कार्ड (एपीएल) गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल कार्ड) में दस्तावेज होने के बाद भी परिवर्तित नहीं हो सका।
पांच साल पहले यानी वर्ष 2022 में उसने जवान बेटे को बीमारी से खो दिया। दोनों आंखों से अंधे पति ने भी एक माह पहले दुनिया को अलविदा कह दिया। सोचा बहू अब सहारा बनेगी लेकिन बेटे की मौत के बाद घर बहू छोड़कर चली गई। निर्मला की आस अब 1500 रुपये वृद्धा अवस्था पेंशन पर टिकी है, जो बहू घर छोड़कर गई उसी के राशन कार्ड से अनाज आ रहा था।
बहू के जाने के बाद कार्ड से राशन नहीं मिल रहा है, क्योंकि केवाईसी के बाद अंगूठा अनिवार्य हो चुका है। वृद्धा कहती हैं कि पूर्ति विभाग के अधिकारी उन्हें बार-बार ये कह रहे हैं कि बहू के राशन कार्ड में अपना नाम चढ़वा लो, लेकिन बहू तो घर छोड़कर जा चुकी है। सफेद कार्ड बनने पर ही उन्हें राहत मिलेगी।
डीएम ने पर्चा लिखकर दिया, डीएसओ ने नजरअंदाज किया
निर्मला देवी बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट परिसर में लगी बेंच पर मायूस बैठकर डीएम के आने का इंतजार कर रही थी। उसके पास एक प्लास्टिक का थैला था। इसमें बीपीएल राशन कार्ड बनाने के सभी दस्तावेज उपलब्ध थे। इन्हीं दस्तावेज के बीच में एक पर्चा था जिसमें डीएसओ (जिला पूर्ति अधिकारी) लिखा हुआ था। वृद्धा का कहना था कि पर्चा डीएम ने उन्हें लिखकर दिया और डीएसओ से मिलने को कहा था। जब वह डीएसओ से मिलीं तो उन्होंने कार्ड बनाने से मना कर दिया।
-
एडीएम बोले, माताजी कल बन जाएगा आपका कार्ड
सिस्टम से थक चुकीं निर्मला बृहस्पतिवार को डीएम से मिलने का इंतजार कर रही थीं, इसी बीच किसी ने एडीएम कौस्तुभ मिश्रा से मिलने की सलाह दी। एडीएम को वृद्धा ने अपनी आपबीती सुनाई। इस पर एडीएम मिश्रा ने डीएसओ को फोन किया। बताया कि महिला सफेद राशन कार्ड की हकदार हैं इसलिए उनका राशन कार्ड बनाएं। डीएसओ से बातचीत के बाद एडीएम ने वृद्धा को आश्वस्त किया कि शुक्रवार को उसका सफेद राशन कार्ड बना दिया जाएगा।
लोगों की शिकायत को सुनना और उनका करना समाधान हमारी प्राथमिकता है। वृद्धा का राशन कार्ड बनने में क्यों देरी हुई। इस संबंध में डीएसओ से वार्ता की जाएगी। -नितिन सिंह भदौरिया, डीएम।