काशीपुर की नगर पालिका महुआखेड़ागंज अब औद्योगिक इकाइयों और भवनों से बाजार मूल्य पर संपत्ति कर वसूलेगी। उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर फैसला सुनाते हुए पालिका को कर वसूलने के आदेश जारी किए गए हैं।
नगर पालिका महुआखेड़ागंज ने उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 298 के अंतर्गत अधिकारों का प्रयोग करते हुए पालिका क्षेत्र स्थित भवनों और औद्योगिक इकाइयों पर भूमि और भवन के वर्तमान बाजार मूल्य पर पांच फीसदी भवन कर लगाने का प्रस्ताव पारित किया था। इसी क्रम में वर्ष 2015 में औद्योगिक इकाइयों पर भी संपत्ति कर आरोपित कर मांग पत्र जारी किया गया। जिसमें औद्योगिक इकाइयों पर उपविधि अनुसार निर्माण वर्ष
के एक वर्ष बाद वर्ष 2014-15 तक के नोटिस मांग पत्र जारी कर धनराशि की वसूली के लिए डीएम को भू-राजस्व की तरह वसूली किए जाने का अनुरोध किया गया था। लेकिन इसके विरोध में औद्योगिक इकाइयों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर स्थगन आदेश ले लिया।
उधर, पालिका के ईओ नजर अली ने बताया कि उच्च न्यायालय ने औद्योगिक इकाइयों की सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए प्रति याचिकाकर्ता पर बीस हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए नगर पालिका महुआखेड़ागंज को पूर्व वर्षों सहित संपत्ति कर वसूल किए जाने के 12 फरवरी को आदेश पारित किए। ईओ ने बताया इससे पालिका को करोड़ों की आय होने की संभावना है। ईओ ने बताया भविष्य में प्राप्त होने वाली धनराशि से पालिका को विकास कार्य कराने में मदद मिलेगी।
साथ ही टीम गठित कर छोटी-बड़ी इकाईयों का सर्वे कर वसूली की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पालिका द्वारा मजबूती से पैरवी करने के कारण करोड़ों की संपत्ति कर की वसूली से पालिका की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इधर पालिकाध्यक्ष नसीमा बेगम ने कहा कि पालिका द्वारा बनाए गए उपनियमों के कारण जो धनराशि पालिका को प्राप्त होगी उससे जनहित में विकास कार्य में लगाए जाएंगे।