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औद्योगिक विकास स्कीम 2017 की घोषणा से उद्योगपतियों में हर्ष

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काशीपुर। कुमाऊं गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केजीसीसीआई) की ओर से केंद्रीय औद्योगिक पॉलिसी के लिए प्रस्तुत तथ्यों पर विचार करते हुए भारत सरकार ने 23 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए औद्योगिक विकास स्कीम 2017 घोषित कर दी है।
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इस स्कीम को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए औद्योगिक विकास स्कीम 2017 कहा जाएगा। यह स्कीम 31 मार्च 2022 तक प्रभावी रहेगी।

केजीसीसीआई के अध्यक्ष विकास जिंदल ने बताया कि राज्य में दीर्घकालिक औद्योगिक विकास, पलायन और बेरोजगारी को ध्यान में रखते हुए केजीसीसीआई केंद्र सरकार से एक ऐसे औद्योगिक पैकेज की मांग कर रहा था, जो राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल हो और स्थानीय स्तर पर नये उद्यमी भी अपने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग लगाने के लिए प्रेरित हों।

साथ ही अन्य प्रांतों के उद्यमी भी यहां आकर अपने उद्योग स्थापित करें, जिससे राज्य में अधिक से अधिक रोजगार सृजन हो सके। केजीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा कि हालांकि इस योजना की अवधि कम से कम 10 वर्ष होनी चाहिए थी, लेकिन फिर भी यह योजना राज्य के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। जिंदल ने उक्त पॉलिसी की घोषणा पर हर्ष व्यक्त किया गया है।
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केजीसीसीआई के निवर्तमान अध्यक्ष अशोक बंसल ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से घोषित उक्त पॉलिसी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए वरदान साबित होगी। केजीसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश मिड्ढा ने कहा कि केंद्र सरकार घोषित उपरोक्त योजना से राज्य में एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा।

एमएसएमई के विकास के लिए राज्य सरकार भी अपने स्तर से प्रयासरत है। अच्छी बात यह है कि यह योजना राज्य के समस्त क्षेत्रों में समान रूप से लागू होगी। उच्च हिमालयी क्षेत्रों के स्थानीय उद्यमी भी अपने छोटे-छोटे उद्योग स्थापित कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
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