फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हंगामे की भेंट चढ़ी बोर्ड बैठक, कोरम नहीं होने से स्थगित

विज्ञापन
विज्ञापन
छह महीने बाद बुलाई गई नगर निगम बोर्ड की बैठक कोरम पूरा नहीं होने की वजह से स्थगित कर दी गई। कांग्रेसी पार्षदों ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन सहित अन्य टेंडरों में घपले का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। उन्होंने भाजपा पार्षदों पर जानबूझकर बैठक में नहीं आने और साजिशन बैठक को स्थगित करने का आरोप लगाया। इधर, मेयर ने कांग्रेसी पार्षदों पर विकास विरोधी होने और इनके बैठक में नहीं आने की वजह से स्थगित करने का आरोप मढ़ा है।
विज्ञापन

मंगलवार सुबह नगर निगम सभागार में बोर्ड बैठक बुलाई गई थी। छह कांग्रेसी और एक निर्दलीय पार्षद सभागार में आए, तब तक मेयर और पार्षद वहां नहीं आए थे। इसके बाद पार्षद सभागार के बाहर हंगामा करते हुए धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, एलईडी खरीद और निर्माण कार्यों में घपले किए गए हैं, लेकिन उनकी जांच नहीं कराई जा रही है। घोटालों को लेकर बैठक में आवाज न उठे, इसलिए भाजपा के पार्षद बैठक में आने से घबरा रहे हैं। भाजपा का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। उन्होंने रजिस्टर में इसलिए दस्तखत नहीं किए कि मेयर घर बैठे ही प्रस्ताव पास कर देती हैं। इस बीच भाजपा पार्षद आते-जाते रहे।
सभागार कक्ष में पार्षदों का कोरम पूरा नहीं होने की वजह से बैठक को स्थगित करना पड़ा। धरना देने वालों में पार्षद ललित मिगलानी, विकास मलिक, मोनू निषाद, राधा छाबड़ा, कालीचरण, वहीद खान, गौरव खुराना, सौरभ शर्मा शामिल रहे। इधर, मेयर सोनी कोली ने कहा बोर्ड बैठक कांग्रेसी पार्षदों के नहीं आने की वजह से स्थगित करनी पड़ी थी। सभागार में वह, एमएनए और भाजपा के पार्षद कोरम पूरा होने का इंतजार करते रहे। भाजपा के चार पार्षद शहर से बाहर हैं और पांच पार्षद बैठक में भाग लेने आए थे। इन लोगों ने रजिस्टर में दस्तखत भी किए हैं। कांग्रेसियों का काम केवल विरोध करना रह गया है। छह महीने के बाद बुलाई बैठक स्थगित करनी पड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें