प्रदेश सरकार शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए भले ही कितने दावे और वादे करे, लेकिन जमीनी स्तर पर सरकारी स्कूलों के हालात उलट ही हैं। सरकारी स्कूलों के कई महत्वपूर्ण विषय छात्रों को पढ़ाने के लिए शिक्षक ही उपलब्ध नहीं हैं।
जनपद यूएस नगर के 32 राजकीय प्राइमरी स्कूलों में 50 शिक्षकों के पद खाली पड़े हुए हैं, जिनमें अभी तक पढ़ाने को शिक्षक नहीं हैं। हैरत की बात यह है कि शिक्षकों के रिक्त पड़े सभी पद ग्रामीण क्षेत्रों में बने स्कूलों में हैं। जिले के हर विकासखंड में शिक्षकों की कमी है। इसके साथ ही विभिन्न ब्लॉक के 13 स्कूलों में विज्ञान विषय पढ़ाने के लिए पद लंबे समय से रिक्त पड़े हुए हैं। विज्ञान जैसे महत्पूर्ण विषय के पदों पर शिक्षक नहीं होना चिंता का विषय है। जहां राज्य सरकार छात्रों को विज्ञान के क्षेत्र में लाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और बयान कर रही है।
रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया के लिए कुछ ही दिन में शासन की ओर से आदेश आने वाला है। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के प्राइमरी स्कूल में अतिथि शिक्षकों की नियुक्तियां भी इस माह के अंत में कर दी जाएगी।
- डॉ. पीएन सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) यूएस नगर