रुद्रपुर। राजकीय आदर्श डिग्री काॅलेज किच्छा में वर्ष भर एक दिन भी कक्षा में उपस्थित न रहने वाले 42 छात्र परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। काॅलेज प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट कुमाऊं विश्वविद्यालय को भेज दी है। इस मामले को लेकर शुक्रवार की दोपहर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने डिग्री कॉलेज में हंगामा कर दिया। सूचना पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला सहित पुलिस व प्रशासन भी पहुंचा। इस दौरान अगले वर्ष का फार्म भरने पर सहमति बनी।
यूजीसी के नियम के अनुसार छात्र की कम से कम 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। इधर, कॉलेज प्रशासन ने जब जांच की तो पाया कि बीए द्वितीय व चतुर्थ सेमेस्टर के कुल 42 छात्र ऐसे हैं जिनकी एक भी दिन उपस्थिति नहीं है। इस पर कॉलेज प्रशासन ने विवि को इसकी रिपोर्ट भेज दी। ऐसे में छात्रों के परीक्षा से वंचित हो जाने को देखते हुए एनएसयूआई के कार्यकर्ता काॅलेज पहुंचे और प्राचार्य से निर्णय वापस लेेने की मांग करने लगे। इसको लेकर दो घंटे तक दोनों पक्षों में बहसबाजी होती रही। इसबीच नारेबाजी करते हुए एनएसयूआई के कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। सूचना पाकर पुलिस व तहसील प्रशासन भी पहुंच गया। दोनों पक्षों से वार्ता के बाद निर्णय लिया गया कि अगले कक्षा के लिए फार्म भरने दिया जाए। आगे जो विवि का निर्णय होेगा देखा जाएगा। धरने में एनएसयूआई के जिला महासचिव नाजिश मंसूरी, जिलाध्यक्ष अंग्रेज सिंह, सम्मे खान, सूर्यकांत, अमित आदि शामिल रहे।
यूजीसी के मानक के अनुसार छात्र की 75 फीसदी उपस्थिति जरूरी है। कॉलेज के 42 छात्र एक दिन भी उपस्थित नहीं थे। इनकी रिपोर्ट विवि प्रशासन को भेज दी गई है। इसमें अधिकतर लोग सिडकुल में नौकरी करने वाले हैं। आगे विवि का जो आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा। डॉ. राजीव रंजन, प्राचार्य राजकीय आदर्श डिग्री कालेज किच्छा।