रुद्रपुर। जिले की मदिरा की दुकानों का आवंटन ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से एडीएम प्रताप सिंह शाह की निगरानी में कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ। इसमें विदेशी मदिरा की 37 और देशी मदिरा की 26 दुकानों का आवंटन सर्वाधिक राजस्व वाले आवेदकों को किया गया।
विदेशी मदिरा की आवंटित दुकानों से 70 करोड़, 57 लाख ,35 हजार 295 रुपये के सापेक्ष 78 करोड़, 36 लाख, 02 हजार 599 रुपये और देसी मदिरा की दुकानों से 24 करोड़ 49 लाख 21 हजार 334 के निर्धारित राजस्व के सापेक्ष 27 करोड़ 68 लाख 80 हजार 796 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
कलक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को आबकारी विभाग की नई व्यवस्था के अंतर्गत पोर्टल पर ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त आवेदनों को खोला गया। जिले की 54 देसी मदिरा की दुकानों में से 27 दुकानों के लिए 59 आवेदन प्राप्त हुए थे।
इनमें से 26 दुकानों का आवंटन किया गया। इसी तरह विदेशी मदिरा की 53 में से 38 दुकानों के लिए आवेदन मिले थे, इनमें से 37 दुकानों का आवंटन किया गया। देसी और विदेशी मदिरा की एक-एक दुकान के लिए शासन की ओर से निर्धारित राजस्व से कम राजस्व का टेंडर प्राप्त होने के कारण उसे निरस्त कर दिया गया।
ट्रांजिट कैंप की दुकान नितेश कुमार, रुद्रपुर नंबर एक की गुरप्रीत कौर, इंदिरा कॉलोनी की मनोज कुमार, पीलीभीत रोड की अनुज अग्रवाल, जसपुर खुर्द की विनोद कुमार, रामनगर रोड की शैली विश्नोई, काशीपुर नंबर एक की ओमप्रकाश, काशीपुर नंबर 2 की मनजीत, महुआखेड़ागंज की मुकेश, अलीगंज चौराहा काशीपुर की महावीर सिंह, फुलसुंगा की अजीत सिंह कामरा, नादेही की अनिल अग्रवाल, सुभाष चैक जसपुर की बलविंदर सिंह, जसपुर की गुरमुख सिंह, रुद्रपुर नंबर 2 की बिंदू सिंह, धर्मपुर चौराहा रोड की रिचा गोयल, लोहिया हेड रोड की जगमोहन, पहेनिया चौराहा हरीश चंद जोशी, तालबपुर की विकास अरोरा, मल्टीवाल की मेघा वर्मा, दड़ियाल बस अड्डा की तुषार अग्रवाल, केला मोड़ रोड की वंदना देवी, बिडोरा मझोला की जसविंदर कौर, जय नगर की जयंती देवी एवं बरहैनी की दुकान अशोक कुमार के नाम छूटी।
समाचार लिखे जाने तक दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया जारी थी। जिला आबकारी अधिकारी आलोक कुमार शाह ने बताया कि जिले की विदेशी मदिरा की 15 दुकानों एवं देसी मदिरा की 27 दुकानों के लिए आवेदन प्राप्त न होने के कारण एवं विदेशी और देसी मदिरा की एक-एक दुकान के लिए निर्धारित राजस्व से कम राजस्व का आवेदन मिलने के कारण इन्हें निरस्त किया गया है। विदेशी मदिरा की 16 और देसी मदिरा की 28 दुकानों के लिए पुन: ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। वहां पर एसएलओ एनएस नबियाल, जिला आबकारी अधिकारी आलोक कुमार शाह आदि थे।