काशीपुर। नदियों में प्रदूषित पानी छोड़ने की शिकायतें मिलने को डीएम ने गंभीरता से लिया है। डीएम के निर्देश पर बनी चार सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार को कोसी नदी का निरीक्षण किया।
बृहस्पतिवार को चार सदस्यीय टीम में शामिल पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अंकुर कंसल, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग और उप प्रभागीय वन अधिकारी काशीपुर ने कोसी नदी और फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया। टीम ने कोसी नदी के निरीक्षण के दौरान पानी का नमूना लिया।
इसके अलावा काशी विश्वनाथ टैक्स टाइल, विश्वकर्मा पेपर मिल, बनवारी पेपर मिल, आईजीएल, मल्टीवाल डूप्लेक्स, मल्टीवाल पेपर मिल में पहुंचकर निरीक्षण किया। साथ ही फैक्ट्रियों में लगे ट्रीटमेंट प्लांट भी जांचे। निरीक्षण के दौरान सभी फैक्ट्रियों से पानी के सैंपल भी भरे गए। डॉ. कंसल ने बताया कि पानी के सैंपल प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो
पीसीबी की वायु, जल और मिट्टी में प्रदूषण की जांच पूरी
सितारगंज। सिद्ध गर्ब्यांग गांव में जल, वायु और मिट्टी प्रदूषण की जांच बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अंकुर कंसल ने बताया कि बृहस्पतिवार को गांव के पास स्थित कॉमन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ीं सिडकुल की 12 फैक्ट्रियों का निरीक्षण कर उनके ईटीपी का सत्यापन किया गया।
बालाजी एक्शन बिल्डवेल समेत चार कंपनियों की चिमनियों पर मशीन लगाकर राख और उसके धुएं का नमूना लिया गया। इसके अलावा पानी के 27 और मिट्टी के दो नमूने लिए गए हैं। साथ ही गांव में 24 घंटे तक वायु प्रदूषण की जांच के लिए लगाई गई रिस्पायरेबल डस्ट सैंपलर (आरडीएस) मशीन में भी वायु प्रदूषण का नमूना लिया गया है।
दो दिन में कुल मिलाकर पीसीबी की टीम ने 33 नमूने लिए हैं। सभी नमूनों की जांच भारत सरकार से अधिकृत सीमा लैबोरेट्री में की जाएगी। दो अप्रैल को एनजीटी कोर्ट में सुनवाई के दौरान रिपोर्ट पेश की जाएगी।