जिले में इस तरह से बनेंगे आंगनबाड़ी भवन
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जिले में किराए में चल रहे 1695 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 164 केंद्रों को अपना भवन दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। चयनित जगहों पर भवन निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों के खातों में बजट जा चुका है। इन भवनों का निर्माण कार्य जून तक पूरा करने की मियाद तय की गई है।
जिले में संचालित 2387 आंगनबाड़ी केंद्रों में से केवल 420 केंद्रों पास ही अपना भवन है। अन्य आंगनबाड़ी प्राइमरी स्कूल, पंचायत भवनों में संचालित हो रहे हैं। शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए तीन हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में साढ़े सात सौ रुपये प्रतिमाह किराया निर्धारित किया है। अब 164 आंगनबाड़ी केंद्रों को अपना भवन देने की कवायद की जा रही है।
करीब सात लाख रुपये की लागत से बनने वाले भवन में मनरेगा योजना से पांच लाख और दो लाख रुपये विभागीय अंश शामिल है। दो लाख रुपये में से 75 फीसदी भारत सरकार और 25 फीसदी अंश राज्य सरकार का है। इस बजट से एक हॉल, कमरा, शौचालय का निर्माण किया जाएगा।
अनुसूचित बाहुल्य गांवों के 15 प्रस्ताव
अनुसूचित बाहुल्य गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र के भवन के लिए विभाग को संबंधित ग्राम प्रधानों ने 15 प्रस्ताव सौंपे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश ने बताया कि इनमें काशीपुर के ढकिया कला में चार, मेहताबन में एक, गोपीपुरा में चार, रुद्रपुर के नारायणकोठा में एक सहित कुल 15 केंद्रों के भवन के लिए अगले सप्ताह बजट जारी कर दिया जाएगा।
जिले के 164 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों के खातों में धनराशि भेजी जा चुकी है। पंचायतों को जून तक निर्माण पूरा करना है। अनुसूचित जाति जनजाति बाहुल्य गांवों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध है। जिन एससी/एसटी गांवों का नाम समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी सूची में है, वहां के ग्राम प्रधान भवन निर्माण के प्रस्ताव परियोजना कार्यालय या सीधे उनके कार्यालय में उपलब्ध करा सकते हैं।
- डॉ. अखिलेश मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी,