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अरविंदनगर गांव में चार फुट तक भरा पानी, 40 परिवारों का रेस्क्यू

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सितारगंज अरविंदनगर गांव में बाढ़ का पानी घुसने के बाद नाव से सुरक्षित स्थान की तरफ जाते ग्रामीण। - फोटो : SITARGANJ
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सितारगंज। पहाड़ों पर भारी बारिश के बाद उफनाई बैगुल नदी का कहर दूसरे दिन रविवार को और ज्यादा दिखा। नदी से सटे सटे अरविंदनगर गांव के दो तोक में करीब चार फुट तक पानी भर गया है। हरकत में आए प्रशासन ने गांवों में राहत बचाव का कार्य शुरू कर दिया है।
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तहसीलदार पानी में ट्यूब के सहारे ग्रामीणों तक पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। कई ग्रामीणों को नाव के सहारे सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया। बाद में पानी कम होने पर सभी ग्रामीण घरों को लौट गए।
शनिवार की रात में पहाड़ों पर अत्यधिक बारिश के कारण बैगुल नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने पर नदी का पानी अरविंदनगर ग्रामसभा के सात नंबर और आठ नंबर गांव में घुस गया। दोनों गांवों में करीब चार फुट तक पानी भरने से ग्रामीणों में खलबली मच गई।
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कई परिवारों के घरों में पानी घुसने से अनाज भीगकर खराब हो गया। रविवार सुबह तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी राजस्व टीम के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे। उन्होंने रबर की ट्यूब में बैठकर पानी में फंसे ग्रामीणों का हाल जाना।
तहसीलदार त्रिपाठी ने बाढ़ सुरक्षा चौकी से नाव मंगाकर करीब 40 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। साथ ही खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक केके बिष्ट को बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। पूर्ति विभाग प्रभावित परिवारों को भोजन के पैकेट बांटे।
दोपहर बाद पानी कम होने पर सभी परिवार अपने घरों को लौट गए। वहां राजस्व निरीक्षक यशपाल चौहान, राजस्व उप निरीक्षक राम अवतार, राम सिंह आदि थे।
पूरब से पश्चिम दिशा को किया रुख
सितारगंज। बैगुल नदी को चैनेलाइज करने से पिछले कई वर्षों से नदी का रुख पूरब की ओर से पश्चिम दिशा की ओर हो गया है। इससे हर साल नदी का पानी गांवों में घुसता है।
निवर्तमान प्रधान भवतोष आचार्य ने बताया कि सिंचाई विभाग ने नदी के दोनों तरफ पक्की पीचिंग नहीं कराई है, जिस कारण हर साल बाढ़ से तबाही मचती है। करीब 40 परिवार इस बार भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। नदी को चैनेलाइज करने से बैगुल पुरानी का प्रवाह बदल गया है। उन्होंने सिंचाई विभाग ने नदी का रुख सीधा करने और तटबंधों पर पक्की पीचिंग कराने की मांग की।

सितारगंज अरविंदनगर गांव में रबर टयूब में बैठकर बाढ़ प्रभावितों के घरों को जाते तहसीलदार जगमोहन ?- फोटो : SITARGANJ

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