रुद्रपुर। जिले में भरपूर पानी होने के बाद भी सरकार की ओर से जनता को प्यासा छोड़ा जा रहा है। जिले में प्रतिदिन 144.81 एमएलडी पानी की मांग है लेकिन जल संस्थान की ओर से 105.69 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है। 39.12 एमएलडी पानी की मांग जल संस्थान पूरी नहीं कर पा रहा है।
रुद्रपुर में ही तीन लाख की आबादी पर सिर्फ तीन हजार पेयजल कनेक्शन है। उपभोक्ताओं को जल संस्थान की ओर से 2.64 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही है जबकि 2.79 एमएलडी पानी की आपूर्ति होनी चाहिए।
प्यास बुझाने के लिए लगाए गए हैंडपंप भी जमींदोज होने के कगार पर हैं। सिंचाई विभाग के इंजीनियरों की मानें तो बौर जलाशय में 787.6 क्यूसेक पानी है। बीते साल से तुलना करें तो इस बार जलाशय में पानी अधिक है। सिंचाई विभाग के एई भुवन चंद्र उपाध्याय ने बताया कि हरिपुरा जलाशय में भी 787.6 क्यूसेक पानी की मात्रा है। जलाशय से जौनल व ककराला फीडर से 20-20 क्यूसेक पानी किसानों की मांग के अनुसार छोड़ा जा रहा है।
तराई में 21 वर्ष में लग चुके 4574 हैंडपंप
रुद्रपुर। तराई में वर्ष 2002-03 में 267 हैंडपंप लगाए गए। इसी तरह 2003-04 में 342, 2004-05 में 351, 2005-06 में 382, 2006-07 में 424, 2007-08 में 269, 2008-09 में 299, 2009-10 में 203, 2010-11 में 144, 2011-12 में 120, 2012-13 में 324, 2013-14 में 282, 2014-15 में 245, 2015-16 में 189, 2016-17 में 308, 2017-18 में 61, 2018-19 में 186, 2019-20 में 50, 2020-21 में 40, 2021-22 में 88 हैंडपंप लग गए हैं। 2022-23 में पेयजल निगम की ओर से हैंडपंप नहीं लगाए गए हैं। संवाद
जल संस्थान के रुद्रपुर में हैं 11 ओवरहैड टैंक
रुद्रपुर। रुद्रपुर के जलकल परिसर में 500 व 1300 किलोलीटर के ओवरहैड टैंक लगे हैं। आदर्श कालोनी में 1500 केएल, आवास विकास-1 में 150 केएल, आवास विकास-2 में 200 केएल, कलक्ट्रेट परिसर में-1 में 350 केएल, कलक्ट्रेट परिसर-2 में 500 केएल का ओवरहैड टैंक लगा है। रुद्रपुर ग्रामीण के जयनगर में 250 केएल, शिमला पिस्तौर में 200 केएल, गंगापुर में 350 केएल, राघवनगर में 200 केएल व देवरिया में 400 केएल का ओवरहैड टैंक लगाया गया है। संवाद