आचार संहिता के चलते पुलिस ने सीएम के बेटे वीरेंद्र रावत सहित जिले भर में 36 लोगों को सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराए गनर वापस ले लिए हैं। 15 चुनिंदा जनप्रतिनिधियों और वाई श्रेणी के लोगों को दिए गए गनर पूर्व की तरह उनकी सुरक्षा में तैनात रहेंगे।
आगामी विधानसभा चुनावों में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस ने शस्त्रधारियों को अपने असलहे थानों या गन हाउसों में जमा करने के आदेश दिए हैं। साथ ही जिले भर में कुछ लोगों को सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराए गनर भी पुलिस ने वापस ले लिए हैं। जिले भर में कुल 54 लोगों को पुलिस द्वारा गनर उपलब्ध कराए गए थे, जिसमें से 36 लोगों के गनर पुलिस ने वापस ले लिए हैं।
15 चुनिंदा जनप्रतिनिधियों और वाई श्रेणी को लोगों को दिए गनर पूर्व की तरह उनकी सुरक्षा में तैनात रहेंगे। एएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि तीन उन लोगों के गनर भी वापस नहीं लिए जा रहे हैं जिन्हें सही मायनों में जान का खतरा है। उन्होंने बताया कि गनर वापस लेने के क्रम में खटीमा में निवास करने वाले मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेटे वीरेंद्र रावत के गनर को भी वापस ले लिया गया है।