बुधवार को निकटवर्ती ग्राम आजादनगर में 220 केवी बिजली का 105 फुट ऊंचा टावर गिर गया। दुर्घटना के बाद बिजली के तार झूलने लगे। इस पर आसपास के खेतों में मटर तोड़ रहे मजदूरों ने भाग कर जान बचाई। सूचना पर बिजली विभाग के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
बरेली से उत्तराखंड की ओर बिजली लाने के लिए लगे आजादनगर निवासी परमजीत सिंह खुराना के खेत में लगा टावर संख्या 150 बुधवार शाम लगभग चार बजे अचानक गिर गया। दुर्घटना के समय आसपास के खेतों में दर्जनों मजदूर मटर तोड़ रहे थे। टॉवर के गिरने से उसके तार लटक गए।
सूचना पर ग्राम प्रधान राजकुमार कोली, अमित कालरा, अशोक हुड़िया समेत तमाम ग्रामीण मौके पर पहुंचे और क्षेत्र के यातायात को बंद करवाकर दुर्घटना की सूचना बिजली विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना पर अधिशासी अभियंता पंकज आर्या, एसडीओ किच्छा राहुल सिंह, एसडीओ पंतनगर दीप शंकर, जेई किच्छा चंद्रपाल समेत बिजली विभाग के दर्जनों अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिशासी अभियंता आर्या ने बताया कि टावर की मरम्मत के लिए टीम बुलाई गई है।
टॉवर में बरेली से पंतनगर बिजली आती है। टावर के गिरने से किसी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित नही होने दी जायेगी, बिजली आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई है। जल्द ही टावर की मरम्मत कर दी जायेगी।
-पंकज आर्या, अधिशासी अभियंता
बिजली विभाग ग्रामीणों की जान से किस तरह खिलवाड़ कर रहा है इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि यही टावर वर्ष 2010 में भी गिर गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि उस समय इस टावर के गिरने की घटना को विभाग द्वारा गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके चलते आज फिर से टावर क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि टावर गिरने की जांच करके इसकी मरम्मत बेहतर तरीके से की जाए क्योंकि दोनों बार हुए हादसे में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन तारें किसी के ऊपर गिरती तो लोगों की जाने जा सकती थी।