छात्रसंघ चुनाव में जीत के लिए प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने पूरी ताकत झोंक दी लेकिन मतदान के दिन छात्रों की भीड़ अपेक्षाकृत कम रही। कई तरीकों से प्रचार करने के बाद भी प्रत्याशी मतदाताओं को केंद्र तक खींचने में कामयाब नहीं हो सके।
एसबीएस डिग्री कॉलेज में 7725 मतदाताओं में से 43.60 फीसदी विद्यार्थियों ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सुबह से ही प्रत्याशी समर्थकों के साथ मतदाताओं को बूथ तक लाने की कोशिश में जुटे रहे। प्रत्याशियों के समर्थक अलग-अलग अंदाज में मतदाताओं का ध्यान खींचते नजर आए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए कॉलेज परिसर और मुख्य द्वार पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रवेश और निकासी को लेकर भी निगरानी रखी गई। पहली बार मतदान करने पहुंचे कुछ विद्यार्थियों में ही उत्साह दिखा।
फीस जमा करने पहुंचे छात्रों को लौटाया
कोई बना टेडी बियर तो कोई पहुंचा नंगे पांव
चुनाव में प्रत्याशियों के समर्थकों ने मतदाताओं का ध्यान खींचने के लिए प्रचार के अलग-अलग रंग दिखाए। कोई टेडी बियर की पोशाक पहनकर कॉलेज पहुंचा तो कोई नंगे पांव ही प्रचार करता नजर आया। प्रत्याशियों ने हाथ जोड़े तो मतदाताओं के पैरों को छूकर भी अपने पक्ष में वोट करने की मिन्नत की। उनके समर्थक भी वोट खींचने के लिए हर जतन करते दिखे।
बिना आईडी कार्ड के नहीं मिलीं एंट्री
खटीमा डिग्री कॉलेज में 46 प्रतिशत हुआ मतदान
एचएनबी डिग्री कॉलेज में मंगलवार को छात्रसंघ चुनाव के लिए सिर्फ 46 प्रतिशत मतदान हुआ। छात्रसंघ अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच सीधा मुकाबला था।
कॉलेज में पहले एक घंटे में सिर्फ 10 प्रतिशत मतदान हुआ। प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार कटियार ने बताया कि दो बजे तक 3900 में से 1803 विद्यार्थियों ने मतदान किया था। छात्रसंघ चुनाव की मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई।
एनएसयूआई कार्यकर्ता से मारपीट का आरोप
खटीमा में एनएसयूआई कार्यकर्ता के साथ मारपीट करने के आरोप में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस खटीमा कोतवाली में हंगामा किया। कोतवाली पहुंचे विधायक भुवन कापड़ी ने कहा कि एनएसयूआई के कॉलेज अध्यक्ष पवन के साथ मंगलवार सुबह मारपीट की गई लेकिन शिकायत के बावजूद हमलावरों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले भी एनएसयूआई के एक कार्यकर्ता को पूछताछ के नाम पर पुलिस ने चौकी में बैठाया था। कोतवाल कमल कुमार लुंठी ने बताया कि दो पक्षों के विवाद का मामला था।