रुद्रपुर। जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से 8वीं तक के 31662 बच्चों का डेटा यू-डाइस पोर्टल के ड्रॉपबाक्स में अटक गया है। स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने यू-डाइस पोर्टल पर डेटा फीड नहीं किया। इससे बच्चों को उनका परमानेंट एजुकेशन नंबर नहीं मिल पाया है। वहीं पढ़ाई छोड़ने और कक्षा पांच और आठ उत्तीर्ण करने वाले बच्चे कहां गए शिक्षा विभाग इससे बेखबर है।
जिले के सात ब्लॉकों में प्राथमिक के 786 और जूनियर के 200 विद्यालय पंजीकृत हैं। शासन के सख्त निर्देश हैं कि कक्षा उत्तीर्ण या बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले ड्रॉपआउट बच्चों का पता कर शिक्षा विभाग उन्हें फिर से शिक्षा की ओर अग्रसर करें।
इससे ज्यादा से ज्यादा बच्चों को शिक्षा का लाभ मिल सके लेकिन जब विभाग के पास यह जानकारी ही नहीं होगी कि बच्चा कक्षा उत्तीर्ण होकर कहां गया तो उसे शिक्षा दिलाना मुश्किल है।
प्रधानाध्यापकों की लापरवाही के चलते इस सत्र के समाप्त होने पर भी 31662 बच्चे ड्रॉपबाॅक्स में फंसे हुए हैं। यू-डाइस पोर्टल पर छात्रों का पूरा रिकार्ड नाम, जन्मतिथि, आधार नंबर और कक्षा की जानकारी इसलिए दर्ज की जाती है ताकि बच्चे जब कक्षा पांच से उत्तीर्ण होकर कक्षा छह में और कक्षा आठ से उत्तीर्ण होकर कक्षा नौ में जाएं ताे बोर्ड परीक्षा के रजिस्ट्रेशन के समय परमानेंट एजुकेशन नंबर न होने से उन्हें परेशानी न हो। जिले में 2023-24 सत्र में 33128 बच्चे, 2045-25 सत्र में भी 35453 बच्चे ड्रॉपबाॅक्स में पड़े रहे।
ब्लॉकवार ड्रॉपबाॅक्स में पड़े बच्चे
ब्लॉक बच्चों की संख्या
बाजपुर 4382
गदरपुर 4998
जसपुर 4054
काशीपुर 5264
खटीमा 2349
रुद्रपुर 10125
सितारगंज 4281
वर्जन
ड्रॉपबाॅक्स में डेटा फंसे होने का मतलब यह नहीं कि बच्चे स्कूल नही जा रहे हैं बल्कि यह है कि उनका परमानेंट एजुकेशन नंबर नए स्कूल में ट्रांसफर नहीं हो पाया है। यह पोर्टल में किसी तकनीकी खामी की वजह से भी हो जाता है कई बार।
-हरेंद्र कुमार मिश्रा, डीईओ