प्रदेश को खसरा और रूबैला से मुक्त करने की कवायद
रुद्रपुर।
विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनीसेफ की टीम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ खसरा-रूबैला टीकाकरण अभियान को सफल बनाने को लेकर बैठक की। जिले में नौ माह से 15 साल तक के पांच लाख 26 हजार बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में आयोजित बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एलएम उप्रेती ने खसरा-रूबैला टीकारण अभियान को लेकर डब्लूएचओ के डॉ. सुधीर जोशी, सुमन कुमार बोरा और यूनीसेफ के डॉ. इरशाद के साथ रणनीति तैयार की। इसमें टीकाकरण केद्रों और कर्मचारियों की तैनाती समेत अन्य पहलुओं पर व्यापक चर्चा हुई। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. उप्रेती ने कहा कि केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और चंडीगढ़ में इस अभियान के सफल होने के बाद अब उत्तराखंड में 30 अक्तूबर से एक माह के लिए चलाया जा रहा है। उत्तराखंड में करीब 35 लाख का लक्ष्य है, जिनमें ऊधमसिंह नगर में पांच लाख 26 हजार बच्चों को टीकाकरण किया जाना है। इसके लिए विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों और मलिन बस्तियों में एएनएम और नर्सिंग स्टाफ द्वारा बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा।
डॉ. उप्रेती ने बताया कि अगर स्त्री के गर्भावस्था में रूबैला का संक्रमण होता है तो बच्चा जन्मजात विसंगतियों से पीड़ित होने की संभावना बढ़ जाती है। जिस तरह देश को पोलियो मुक्त किया गया, जल्द ही रूबैला-खसरा मुक्त भी करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में सीएमओ डॉ. आरके पांडेय, बेसिक जिला शिक्षा अधिकारी अशोक गुंसाई, एसीएमओ अविनाश खन्ना, मनीष अग्रवाल आदि मौजूद रहे।