मां अटरिया देवी मंदिर को जाने वाली सड़क के निर्माण में कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम ने टेंडर निकालकर सड़क के निर्माण का कार्य अन्य ठेकेदारों को दे दिया और ठेकेदारों ने इस काम को आगे किसी अन्य ठेकेदार को बढ़ा दिया। इसका परिणाम यह रहा कि 21 करोड़ रुपये मंजूर होने के बाद भी सड़क बनी ही नहीं। विधायक राजेश शुक्ला ने जब इस मामले का विधानसभा में उठाया तो खानापूर्ति के लिए घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करते हुए लीपापोती शुरू कर दी गई है। अब मामला जब पुन: सिडकुल के एमडी तक पहुंचा तो काम रोक दिया गया है।
बता दें कि कांग्रेस की बहुगुणा सरकार के समय में किच्छा विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश शुक्ला ने अटरिया रोड की 13 किमी की सड़क के निर्माण की मांग की थी, जिसे सिडकुल ने 39 करोड़ रुपये का तकनीकी वित्तीय खर्चा (पीएसी) प्रस्तुत किया और सरकार की ओर से इस सड़क के लिए 35 करोड़ रुपये का बजट पेश हो गया। इसमें खास बात यह रही कि इस सड़क के निर्माण का जिम्मा कार्यदायी संस्था यूपी निर्माण निगम रहा है। इसमें सिडकुल ने सड़क के निर्माण के लिए 21 करोड़ रुपये की धनराशि भी मंजूर कर दी, लेकिन सड़क बनी ही नहीं। कार्यदायी संस्था ने इस सड़क का काम टेंडर के जरिए दिल्ली के ठेकेदार को सौंप दिया।
दिल्ली के ठेकेदार ने भी इस काम को ऋषिकेश के एक ठेकेदार के हवाले कर दिया। ऋषिकेश के ठेकेदार ने भी सड़क के निर्माण का काम किच्छा के एक ठेकेदार को दे दिया। कुल मिलाकर इस सड़क के निर्माण मंजूर धनराशि की जमकर बंदरबांट हुई और सड़क का निर्माण मात्र खानापूर्ति के लिए दिखाया गया। अब वर्तमान में जब भाजपा की सरकार आई तो इस मामले को फिर से किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष उठाया।
मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लिया तो जून के प्रथम सप्ताह में सड़क का जायजा लेने के लिए सिडकुल के एमडी डा. आर राजेश और जीएम एलएल सेमवाल सहित पंतनगर सिडकुल के आरएम जीएस रावत ने टीम के साथ मौका मुआयना किया और सड़क निर्माण के लिए एमडी ने जल्द से जल्द काम शुरू करने के आदेश दिए। इसके बाद उक्त ठेकेदार ने सड़क का काम शुरू तो किया लेकिन इसकी गुणवत्ता को स्थानीय लोगों ने उचित नहीं बताया और इसका विरोध शुरू हो गया।
उधर इस मामले में किच्छा विधायक राजेश शुक्ला का कहना है कि अटरिया रोड के निर्माण के लिए ठेकेदारों ने सहित कार्यदायी संस्था ने इसमें भारी हेरफेर किया है। इसलिए सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले को वह फिर से मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से मांग की जाएगी कि यूपी राजकीय निर्माण निगम को प्रदेश में जितने भी काम दिए गए हैं उन्हें वापस लिया जाए ताकि राज्य सरकार की धनराशि का दुरुपयोग न हो सके।
एमडी के आदेश पर आरएम ने रुकवाया निर्माण कार्य
रुद्रपुर। अटरिया रोड के निर्माण में घटिया सामग्री की शिकायत के चलते सिडकुल के एमडी डा. आर राजेश कुमार ने उक्त ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा निर्माण कार्य को रोकने के आदेश जारी किए। इसके बाद मंगलवार को सिडकुल के आरएम जीएस रावत ने मौका का मुआयना करते हुए निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। बता दें कि अटरिया रोड के निर्माण में घटिया सामग्री का स्थानीय लोगों ने पिछले दो दिन से इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना था कि जिस ठेकेदार द्वारा सड़क बनाई जा रही है वहां निर्माण सामग्री के बजाए शहर का कूड़ा कचरा से सड़क के गड्ढों को पाटा जा रहा है। मैरियल के नाम पर कूड़ा कचरे का उपयोग करके सड़क को पूरी तरह से घटिया निर्माण से तैयार किया कजा रहा है। उधर इस बारे में पंतनगर सिडकुल के आरएम जीएस रावत का कहना है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के चलते निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया गया है।