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ढाई लाख का ठेका साढ़े 59 लाख में छूटा, बवाल का अंदेशा

Sat, 30 Jun 2018 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  रुद्रपुर।
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 बैगुल डैम बरा के बैराज और निकलने वाली यूपी के स्वामित्व वाली नहरों से मछलियों और घास का ठेका पिछले साल से कई गुना अधिक रुपयों में छूटा है। इस वजह से ठेके पर दशकों से चला आ रहा एक गुट का स्वामित्व भी खत्म हो गया है। नए ठेकेदार को एक जुलाई से कब्जा लेना है, मगर उसे पुराने ठेकेदारों द्वारा कब्जा नहीं लेने देने का अंदेशा है। ठेकेदार ने तनाव की आशंका जताते हुए एसएसपी से कब्जा लेने के दौरान पुलिस फोर्स मुहैया कराने की मांग की है।
बता दें कि बैगुल डैम में मछलियों के शिकार का ठेका उत्तराखंड सरकार करती है और यह ठेका सैनिक फूड प्राइवेट कंपनी के नाम पर है, लेकिन डैम के बैराज एवं इससे निकलने वाली नहरों में मछलियों के शिकार और घास का ठेका सिंचाई विभाग यूपी करता है। यूपी सरकार में प्रभावशाली मंत्री रहे नेताजी के खास लोगों के पास तीन दशकों से ठेका था। पिछले साल बैगुल कॉलोनी में हुआ यह ठेका दो लाख 49 हजार रुपयों में छूटा था। ठेके पर एक ही गुट का एकाधिकार रहने और क्षेत्र में दबदबा रहने से इस बार यह ठेका बैगुल कॉलोनी के बजाय सिंचाई विभाग बरेली में हुआ था। 21 और 27 जुलाई को हुई नीलामी में ठेका 59 लाख 54 हजार रुपये में छूटा है, लेकिन ठेका लेने वाले बरेली के दो लोगों सुमार अहमद और आफताब अहमद को पुराने ठेकेदारों से कब्जा लेने के समय विवाद और बवाल की आशंका है। लिहाजा उन्होंने शुक्रवार को इस संबंध में एसएसपी पत्र सौंपा है। कहा कि पूर्व की अपेक्षा इस बार ठेके कई गुना अधिक में हुए हैं। ठेके पर एक जुलाई से कब्जा लिया जाना है। आशंका है कि पूर्व के ठेकेदार परेशान करने के साथ ही कार्य में बाधा पैदा कर सकते हैं। लिहाजा कब्जा लेते समय सुरक्षा दी जाए।
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बैगुल डैम से निकलने वाली नहरों का ठेेका लेने वालों का पत्र आया था। इसमें एक जुलाई को ली जाने वाली पजेशन को लेकर पुलिस की मौजूदगी की मांग की गई थी। डैम में पूर्व में हुए विवादों को देखते हुए संबंधित क्षेत्र के सीओ को इस संबंध में निर्देशित कर दिया गया है। -डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी
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