केंद्रीय बजट को लेकर उद्यमियों की प्रतिक्रिया मिली जुली रही है। उद्यमियों को विशेष पैकेज और जीएसटी में सरलीकरण की उम्मीदें थी, लेकिन बजट में इनका जिक्र नहीं होने से उनको निराशा हाथ लगी है। इनकम टैक्स में छूट का उद्यमियों ने स्वागत किया है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में छोटे उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए बजट में विशेष औद्योगिक पैकेज की घोषणा नहीं होने से उद्योगपति ने इसे राज्य के लिए मायूसी वाला बताया।
- केंद्रीय बजट में इनकम टैक्स में पांच फीसदी की छूट मिलने से कॉरपोरेट कंपनियों को फायदा होगा। साधारण बजट है। जीएसटी में सरलीकरण की उम्मीद थी, लेकिन उसमें कुछ नहीं हुआ है।
- अभिषेक कुमार अग्रवाल, उद्यमी रुद्रपुर
- बजट में इंडस्ट्री के लिए कुछ खास नहीं दिया है। जीएसटी के सरलीकरण को कुछ नहीं किया गया। ई वे बिल से छूट की बहुत उम्मीद को भी झटका लगा है। एक तरह से बजट में इंडस्ट्री की उपेक्षा ही हुई है।
- सीपी शर्मा, उद्यमी रुद्रपुर
आम बजट में 250 करोड़ रुपये तक का टर्नओवर करने वाली कंपनियों पर आय कर की दर 25 प्रतिशत किया जाना स्वागत योग्य कदम है। व्यक्तिगत आय कर छूट में कोई परिवर्तन न किया जाना आम आदमी के लिए निराशा जनक है। मेक इन इंडिया को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रानिक सामानों पर ड्यूटी का बढ़ाया जाना निश्चित तौर से स्थानीय उद्योगों को फायदा पहुंचाएगा। नए कर्मचारियों के मामले में ईपीएफ में सरकार की तरफ से 12 प्रतिशत का अंशदान किया जाना एक अच्छा कदम है।
- विकास जिंदल, अध्यक्ष, केजीसीसीआई।
किसानों को आम बजट में जो लाभ सरकार ने दिया है, उससे किसानों के साथ फूड इंडस्ट्री को भी फायदा मिलेगा। काश्तकार की बेहतरी से उद्योग अपने आप प्रगति करने लगेंगे। सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आम बजट में जो घोषणा की गई हैं, इससे रोजगार के साधन बढ़ेंगे, मूलभूत सुविधाएं मिलने से उद्योग जबरदस्त उत्पादन के लिए प्रोत्साहित होंगे और उनके उत्पाद की डिमांड बढ़ेगी। 60 साल से ऊपर इनकम टैक्स में जो छूट देना स्वागत योग्य है। इसे हम एक अच्छा बजट कह सकते हैं।
-राजीव घई, को-चेयरमैन, पीएचडी चैंबर उत्तराखंड।
50 करोड़ के टर्नओवर की लिमिट से 250 करोड़ रुपये तक की करने पर अब सिर्फ 25 फीसदी कारपोरेट टैक्स पड़ेगा। सरकार ने पांच फीसदी छूट देकर उद्योगपतियों को राहत दी है। इससे लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों को फायदा होगा और उद्योग विकास की श्रंखला में आगे बढ़ेंगे। सरकार ने अपने बजट में कर्मचारियों का भी ध्यान रखा है। जो सराहनीय कदम है।
- संदीप चावला, डीजीएम, एल्डिको सिडकुल सितारगंज।
बजट उद्योगों को ध्यान में रखकर बनाया गया। इससे नए उद्योगों के लगने की उम्मीदें तो बढ़ी ही हैं, साथ ही जीडीपी में भी इजाफा होगा। उद्योगपतियों को इसका लाभ मिलेगा। ईपीएफ में 12 फीसदी अनुदान देने की घोषणा से कर्मचारी लाभांवित होंगे। डायरेक्ट एंप्लॉयमेंट बढ़ेगा।
- आरके गुप्ता-वाइस प्रेसीडेंट, गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट लिमिटेड, सितारगंज