रुद्रपुर। जिला अस्पताल में सुविधाओं का टोटा लगातार बना हुआ है। कुत्ते के काटने के बाद मरीजों को लगाये जाने वाले रैबीज के इंजेक्शन पिछले दो माह से अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं। इससे कुत्ते के काटने के बाद आने वाले मरीजों को इंजेक्शन के लिए निजी मेडिकल स्टोर का रुख करना पड़ रहा है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार दो माह पहले मरीजों को दिये जाने वाले इंजेक्शन देहरादून से समय पर आ रहे थे लेकिन देहरादून से ही इंजेक्शन न आने के कारण मरीजों को समस्या हो रही है। शनिवार को गदरपुर से जिला अस्पताल पहुंचे नंदलाल यादव ने बताया की उनको कुछ दिन पहले कुत्ते ने काटा था। जिसके बाद वह जिला अस्पताल इंजेक्शन लगवाने आये थे लेकिन यहां आने पर पता चला की अस्पताल में इंजेक्शन खत्म हो गये हैं। उन्होंने बताया की मजबूरन उन्हें निजी मेडिकल से महंगे दामों पर इंजेक्शन खरीदना पड़ा। बताया की उन्हें दोबारा इंजेक्शन लगवाने की जरूरत पड़ी तो यहां आने पर पता चला की रैबीज के इंजेक्शन अभी भी नहीं आये हैं। वहीं अस्पताल में रैबीज के इंजेक्शन खत्म होने की सूचना चस्पा है। जिला अस्पताल की पीएमएस अमिता उप्रेती ने बताया की रैबीज के इंजेक्शन निदेशालय की ओर से ही अस्पताल को मिलते थे। बताया की वहीं से इंजेक्शन न आने के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। उन्होंने इंजेक्शन खत्म होने की सूचना लिखित तौर पर निदेशालय को भेजी है।
जिला अस्पताल में दो माह से नहीं आए रैबीज के इंजेक्शन
मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से 330 रुपये खर्च कर लेना पड़ रहा