गूलरभोज। क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थल बौर जलाशय तक पहुंचने वाले लंबे समय से जर्जर मार्ग के निर्माण का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल 12.675 किमी लंबी सड़क के निर्माण के लिए शासन ने 18 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दे दी है। सड़क बनने से स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को बीती 21 मई के संस्करण में पर्यटन कैसे बढ़ेगा जब सैलानियों की राह में होंगे रोड़े शीर्षक से प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद शासन से लेकर प्रशासन तक हरकत में आया और मार्ग के निर्माण को स्वीकृति मिली।
करीब चार वर्षों से विभिन्न विभागों के बीच अनापत्ति और तकनीकी प्रक्रियाओं में उलझी यह परियोजना अब धरातल पर उतरने की ओर बढ़ गई है। गूलरभोज बाजार से आगे बौर जलाशय तक पहुंचने वाला मार्ग लंबे समय से बदहाल स्थिति में था। पक्की सड़क नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों और पर्यटकों को धूलभरे तथा ऊबड़-खाबड़ रास्ते से होकर गुजरना पड़ता था। 13 जून को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गूलरभोज दौरे के बाद सड़क निर्माण के मामले में तेजी आई और अब शासन ने सड़क निर्माण के लिए 18 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता बीएस डांगी ने बताया कि परियोजना को पर्यावरण, पर्यटन और वन विभाग से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुके हैं। सड़क डल बाबा मंदिर से तिलपुरी जंगलात बैरियर तक बनाई जाएगी। इसकी लंबाई 12.675 किलोमीटर व चौड़ाई 3.75 मीटर होगी। सड़क के दोनों ओर 1.63 मीटर चौड़े शोल्डर बनाए जाएंगे।
कोट
क्षेत्रवासी लंबे समय से इस सड़क के निर्माण की मांग कर रहे थे। सड़क बनने से गूलरभोज, बौर जलाशय और आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। परियोजना की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य सरकार का आभार। - अरविंद पांडेय, विधायक, गदरपुर