काशीपुर। पोलैंड में पूर्व राजदूत रहे उत्तराखंड निवासी चंद्र मोहन भंडारी को पोलैंड में योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए वहां के ओपोले तकनीकी विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर मानद उपाधि से सम्मानित किया है। वर्ष 2014 में एक साइंटिफिक कांफ्रेस में उन्होंने योग और आयुर्वेद के महत्व की जानकारी दी थी।
उत्तराखंड के रानीखेत के मूल निवासी भंडारी वर्ष 2007-09 में पोलैंड में राजदूत रहे। इस दौरान उन्होंने योग और आयुर्वेद पर कार्य किए और पोलैंड के लोगों को इसके लाभ और विधियों की जानकारी दी। पोलैंड के ओपोले तकनीकी विश्वविद्यालय ने सोमवार को उन्हें प्रोफेसर मानद उपाधि से सम्मानित किया। पूर्व राजदूत सीएम भंडारी से दूरभाष पर हुई वार्ता में उन्होंने बताया कि उन्होंने योग और आयुर्वेद पर पोलैंड में बहुत से कार्य किए।
लोगों को योग और आयुर्वेद के लाभ की जानकारी दी। बताया कि रानीखेत में भी उन्होंने अपने गांव में योग और मर्म चिकित्सा केंद्र खोला है, जिसमें लोगों को योग की जानकारी दी जाती है। बताया कि वर्ष 2016 में उत्तराखंड सरकार ने उन्हें इस क्षेत्र में कार्य करने पर सम्मानित किया था। भंडारी ने बताया कि काशीपुर के प्रतापपुर में उनका देवांबर स्कूल है, जिसमें बच्चों को रोजाना योग सिखाया जाता है।