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ऊधमसिंह नगर: तराई के छोटे कस्बों में सड़कों पर बढ़ा खतरा, दस दिन में 17 हादसे; 21 मौतें

Thu, 05 Nov 2026 12:24 PM IST
Heera दीप बेलवाल

सार

ऊधमसिंह नगर जिले में बड़े शहरों पर फोकस के बीच छोटे कस्बों में सड़क हादसे बढ़ रहे हैं, बीते दस दिन में खटीमा से किच्छा तक 17 हादसों में 21 की मौत और 16 से अधिक घायल हुए, यानी औसतन हर रोज दो लोगों की जान जा रही है।
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Accident - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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ऊधमसिंह नगर जिले में पुलिस-प्रशासन और परिवहन विभाग का सारा फोकस रुद्रपुर और काशीपुर जैसे बड़े शहरों की यातायात व्यवस्था सुधारने पर है जबकि छोटे शहर, कस्बे और नगरों में हादसों की संख्या बढ़ रही है। इसे इस तरह समझा जा सकता है कि बीते 10 दिन में खटीमा से लेकर किच्छा, पंतनगर, जसपुर और बाजपुर तक हुए 17 हादसों में 21 की मौत हो चुकी हैं। औसत की बात करें तो छोटे कस्बों और नगर में लगभग हर रोज सड़क हादसे में दो लोगों की जान जा रही है। इसके अलावा इन हादसों में 16 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं।

खटीमा बना डेथ जोन

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पिछले 10 दिन में खटीमा क्षेत्र में ही छह से अधिक लोग सड़क हादसे में जान गंवा चुके हैं। इनमें कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी जिनमें मां-बेटी भी शामिल हैं। इसके अलावा हादसों में कई लोग घायल भी हुए हैं। क्षेत्र में टनकपुर हाईवे, मेलाघाट रोड और खटीमा-सितारगंज रोड पर तेज रफ्तार डंपर, बाइक और ई-रिक्शा की टक्कर आम बात हो गई है।

किच्छा से बाजपुर तक वही कहानी
सिर्फ खटीमा ही नहीं, किच्छा, बाजपुर, पंतनगर, सुल्तानपुर पट्टी, गदरपुर, जसपुर, सितारगंज, नानकमत्ता और शक्तिफार्म जैसे छोटे कस्बों में भी रोजाना 1-2 हादसे हो रहे हैं। किच्छा में चीनी मिल के पास ओवरलोड वाहनों से, बाजपुर में बरहैनी रोड पर तो गदरपुर और सुल्तानपुर पट्टी में हाईवे क्रॉसिंग पर हादसे नहीं रुक रहे हैं।

बड़े शहर बनाम छोटे कस्बे

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रुद्रपुर और काशीपुर में यातायात पुलिस, इंटरसेप्टर, सीसीटीवी और बैरिकेडिंग की व्यवस्था है, चालान भी रोजाना किए जा रहे हैं। वहीं, छोटे कस्बों में न तो पर्याप्त ट्रैफिक पुलिस है, न स्पीड ब्रेकर, न साइन बोर्ड और ना ही अवैध कटों पर कोई संज्ञान लेने वाला है। शाम ढलते ही नशे में वाहन चलाना, बिना हेलमेट बाइक दौड़ाना आम है, रोकने वाला कोई नहीं।

फोर्स है पर फोकस नहीं : 60-80 जवान फिर भी सड़कें बेलगाम
रिकॉर्ड की बात करें तो जिले में पुलिस फोर्स की कमी नहीं, कमी फोकस की है। गदरपुर में 67, किच्छा में सीओ समेत 70, खटीमा में 70-80, सितारगंज में 65, जसपुर में 60-70 और बाजपुर में 76 पुलिसकर्मी तैनात हैं। हर कस्बे में 65-80 जवान होने के बाद भी सड़क हादसे नहीं रुक रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, ज्यादातर फोर्स थाने, चौकी, वीआईपी ड्यूटी और कोर्ट पेशी में लगी है। ट्रैफिक और हाईवे पेट्रोलिंग के लिए पांच-सात जवान ही बचते हैं। कई जगह शाम छह बजे के बाद हाईवे भगवान भरोसे रहता है। नतीजा, बड़े शहरों में तो चालान दिखते हैं लेकिन खटीमा-गदरपुर जैसे हादसा-प्रभावित क्षेत्रों में न चेकिंग है, न रोक-टोक।

 

केस 1 : 25 अक्तूबर को लालकुआं-पंतनगर के बीच कैंटर व स्कूटी की भिडंत हो गई थी। हादसे में काठगोदाम के ग्राम पश्चिमी दौलतपुर निवासी 21 वर्षीय चेतन बिष्ट व 24 वर्षीय दीक्षित बिष्ट की मौत हो गई।

केस 2: 26 अक्तूबर को बाजपुर के भौना बिराह मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में बाइक सवार पिता-पुत्री घायल हो गए। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां 55 वर्षीय पिता प्रदीप की मौत हो गई। 32 वर्षीय बेटी की जान बच गई।

केस 3 : 26 अक्तूबर को केलाखेड़ा में बिचपुरी हाईवे पर गणेशपुर निवासी 40 वर्षीय क्रांति देवी की मौत हो गई। बताया गया कि एक वाहन को बचाने में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिरी। जिसमें महिला ने दम तोड़ दिया।

केस 4 : 26 अक्तूबर को खटीमा के चारूबेटा में मस्जिद वाली गली में कार ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में चंदेली निवासी 25 वर्षीय मंदीप सिंह की मौत हो गई।

केस 5 : 27 अक्तूबर को खटीमा में तेज रफ्तार कार ने बैंक में रुपये निकालने जा रही वृद्धा को टक्कर मार दी। हादसे में गुरुखेड़ा निवासी 70 वर्षीय छोटी देवी की मौत हो गई।

केस 6 : 28 अक्तूबर को बाजपुर में रुद्रपुर हाईवे दोराहा के पास अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दंपती को टक्कर मार दी। हादसे में गांव कनौरा निवासी 50 वर्षीय मुन्ना लाल उर्फ मुन्नू व उनके 46 वर्षीय पत्नी जोसमीन की मौत हो गई।

केस 7 : 28 अक्तूबर को गदरपुर में तेज रफ्तार कार ने वृद्ध को टक्कर मार दी। हादसे में ग्राम विजयपुर के चमनगंज निवासी 70 वर्षीय केदारनाथ खरवार की मौत हो गई।

केस 8 : 28 अक्तूबर को नानकमत्ता नेशनल हाईवे स्थित देवहा नदी पुल पर अज्ञात वाहन ने बाइक सवार युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में 22 वर्षीय नरेश विश्वास की मौत हो गई। जबकि उसका दोस्त चंदन गोलदार घायल हो गया।

केस 9 : 29 अक्तूबर को दिनेशपुर क्षेत्र के एनएच 74 पर जाफरपुर के पास अज्ञात वाहन ने सड़क पार कर रहे वृद्ध को टक्कर मार दी। हादसे में शिवपुर, दिनेशपुर निवासी 76 वर्षीय खितिश हाल्दार की मौत हो गई।

केस 10 : 29 अक्तूबर को लालपुर में तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने वृद्ध को टक्कर मार दी। हादसे में रजा कॉलोनी खमरिया रोड लालपुर निवासी 70 वर्षीय भगीरथ की मौत हो गई।

केस 11 : 30 अक्तूबर को बाजपुर के बैलपड़ाव-बन्नाखेड़ा मार्ग पर मवेशी को बचाने के प्रयास में हादसा हुआ। जिसमें ग्राम जोगीपुरा निवासी 29 वर्षीय आकाश कांबोज की मौत हो गई।

केस 12 : 31 अक्तूबर को सितारगंज में किच्छा हाईवे पर तेज रफ्तार कार ने पीटीएम में जा रही मां-बेटी को टक्कर मार दी थी हादसे में मीनू देवी (34) और उनकी बेटी अनिष्का (7) की मौके पर ही मौत हो गई थी।हादसे में महिला की बड़ी बेटी राधिका बाल-बाल बच गई थी।

केस 13 : 1 नवंबर को खटीमा में धान से लदी ट्रैक्टर-ट्राॅली ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। हादसे में सैंजना, पटपुड़ा निवासी 35 वर्षीय सुभाष सिंह की मौत हो गई।

केस 14 : 1 नवंबर को खटीमा में स्कूटी सवार ने व्यक्ति को टक्कर मार दी। जिसमें सिसैया निवासी 55 वर्षीय राधेश्याम की मौत हो गई।

केस 15: 2 नवंबर को टांडा जंगल में दो बाइकों की भिड़ंत में कालाढूंगी निवासी 30 वर्षीय वीडीओ सौरभ बिष्ट व रुद्रपुर के रंपुरा निवासी 28 वर्षीय राजू गुप्ता की मौत हो गई।

केस 16: 2 नवंबर को काशीपुर में जसपुर हाईवे पर अज्ञात वाहन ने युवक को टक्कर मार दी। हादसे में ग्राम धनसारा निवासी 27 वर्षीय बादशाह की मौत हो गई।

केस 17: 2 नवंबर को किच्छा में अज्ञात वाहन ने युवक को टक्कर मार दी। इसमें ग्राम उतरसिया समुखिया, भूड़िया कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय नारायण हालदार की मौत हो गई।

पुलभट्टा में कट पर हादसे अधिक होते थे, उसे हमने बंद करा दिया है। साथ ही वहां पर फ्लाईओवर बनाने के लिए डीपीआर बनाकर शासन को भेज दी गई है। जहां-जहां हादसे होते हैं या हुए हैं उन ब्लैक स्पॉट को भी चिह्नित किया गया है। इसके अलावा हादसे रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिस जगह पर यूटर्न की व्यवस्था है उसे और बेहतर कैसे किया जाए, इसके लिए कोशिशें जारी हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस को हमने 50 होमगार्ड और 100 पीआरडी जवान उपलब्ध करा दिए हैं। हां, बीच में फोर्स हल्द्वानी गई थी जिससे मैनपावर की कुछ कमी रही। अब इस कमी को दूर कर दिया गया है। - नितिन सिंह भदौरिया, डीएम

हादसों को कम करने के लिए परिवहन विभाग लगातार चेकिंग अभियान चला रहा है। ओवरलोडिंग, तीन सवारी और बिना सीट बेल्ट में कई चालान किए गए हैं। लापरवाही वाहन चालकों पर लगाम लगाने के लिए एआई बेस कैमरे भी चालान काट रहे हैं। बड़े शहरों के अलावा छोटे कस्बों व नगरों में भी अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा अब छोटे शहरों और कस्बों में सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। - मोहित कोठारी, एआरटीओ

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