खटीमा। सुरई वन रेंज के कंपार्ट बग्घा-52 से वनकर्मियों ने करीब एक सप्ताह पुराना तेंदुए का का सड़ागला शव बरामद किया है। वन विभाग ने बाघ के हमले में तेंदुए के मारे जाने की आशंका व्यक्त की है। पोस्टमार्टम के बाद वन कर्मियों ने शव को दफना दिया। जंगली जानवरों की ओर से शव के कई हिस्से के खाए जाने से अनुमान नहीं लग सका है कि वह नर है या मादा। इसका पता भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर ही चल सकेगा।
सुरई रेंज के वनकर्मियों ने बीते बृहस्पतिवार को गश्त के दौरान शाम करीब चार बजे कंपार्टमेंट बग्घा-52 में एक तेंदुए का कई दिन पुराना शव पड़ा देखा। सूचना पर मौके पर पहुंचे रेंजर आरके मौर्य सहित टीम ने तेंदुए के शव को कब्जे में लिया। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. कोमल सिंह ने पोस्टमार्टम किया। बाद में वनकर्मियों ने तेंदुए के शव को दफना दिया। रेंजर मौर्य ने बताया कि घटनास्थल के पास ही तालाब हैं, जिसमें जानवर पानी पीने आते हैं। इसी क्षेत्र में बाघों की भी आवाजाही होती है, पग चिह्न तालाब के आसपास पाए गए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि पानी पीने के दौरान ही बाघ ने तेंदुए को मार डाला होगा। वहां डिप्टी रेंजर सतीश चंद्र रेखाड़ी, धरम सिंह, सुंदर सिंह, जशोद सिंह, संतोष सिंह भंडारी, राजू दास, सुखदेव मुनि, विरेंद्र सिंह, डीगर सिंह, आरडी वर्मा आदि थे।