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नींद की गोलियां देकर उतार रहा था महिला के कुंडल, अदालत ने सुनाई पांच वर्ष की सजा

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महिला को बेहोश कर कुंडल उतारने वाले को पांच साल की सजा
अस्पताल में नींद की गोलियां देकर उतार रहा था कुंडल, द्वितीय एडीजे की अदालत ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
काशीपुर। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओमकुमार ने अस्पताल में महिला को नींद की गोलियां खिलाकर उसके कुंडल निकालने का प्रयास करने के आरोपी को पांच वर्ष के कठोर कारावास और चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा चोरी के प्रयास के मामले में आरोपी को एक वर्ष की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना डाला है।
दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में घायल हुई मोहल्ला टांडा उज्जैन निवासी दुर्गा 25 सितंबर 2015 को राजकीय चिकित्सालय में भर्ती हुई थी। उसकी मां विमला, मौसेरी सास भूरी उसे चाय देने के लिए अस्पताल आई थी। वहां अचानक विमला को चक्कर आने लगा। वहां मौजूद एक युवक ने खुद को अस्पताल का कंपाउंडर बताकर विमला को नींद की गोलियां खिला दी, जिससे उस पर बेहोशी छा गई। इसी दौरान उक्त युवक विमला के कान से कुंडल निकालने लगा। अचानक वहां पहुंची भूरी के शोर मचाने पर अस्पताल कर्मियों ने आरोपी को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी मुरादाबाद, मझोला के चाऊ की बस्ती निवासी बबलू उर्फ मेघ सिंह के पास से इंजेक्शन, नशीली दवाइयां मिली थी।
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इस मामले में विमला के पति जयपाल सिंह ने आरोपी के खिलाफ धारा 328, 379, 511 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना अधिकारी सरोज कांबोज ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। चार्जशीट दाखिल होने पर वाद का सत्र परीक्षण द्वितीय एडीजे ओमकुमार की अदालत में हुआ। अभियोजन पक्ष की ओर से जयपाल, विमला, गौरव, नितिन यादव, चिकित्सक डॉ. विकास गहलोत आदि को परीक्षित कराया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी संतोष नकवी ने की। सजा के प्रश्न पर बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि अभियुक्त बीमार है और एक वर्ष से जेल में है। साक्ष्यों का अवलोकन कर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए धारा 328 के तहत पांच वर्ष के कारावास, चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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वहीं धारा 379/511 के तहत आरोपी को एक वर्ष की सजा व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ा। उसके द्वारा जेल में बिताई गई अवधि भी सजा में समायोजित की जाएगी।
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