फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नियमित न होने से बहुद्देशीय कार्मिकों पर रोजगार का संकट

विज्ञापन
विज्ञापन
काशीपुर। सरकारी अस्पताल में कार्यरत बहुउद्देशीय कार्मिकों को अब नियमित नहीं किया जाएगा। इससे उन्हें रोजगार के संकट से जूझना पड़ सकता है। वहीं पहले से ही स्टाफ की कमी से जूझ रहे राजकीय अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के और लचर होने की आशंकाएं बढ़ गई है।
विज्ञापन


चिकित्सा एवं प्रबंधन समिति द्वारा सरकारी अस्पताल के सामान्य कामकाज में सहयोग के लिए 13 बहुउद्देयीय कर्मियों को नियुक्त किया गया था। समिति की रिपोर्ट पर हर वर्ष इन कर्मियों का नवीनीकरण किया जाता रहा है। काशीपुर के राजकीय चिकित्सालय में शादाब अली, मोहम्मद आदिल, असलम, यशपाल आर्य, नीमा आर्या, हदयेश, इंदर, जगवीर सिंह, तारावती, शिवचरन, बसंत लाल, बलवीर, सुभाष आदि पिछले छह से लेकर 10 वर्षों से अस्पताल में सेवा दे रहे हैं।

वर्ष 2017-18 के लिए नवीनीकृत इन कार्मिकों की सेवा 31 जुलाई को समाप्त हो रही है। 27 अप्रैल 2018 को जारी शासनादेश में अस्पतालों में बहुउद्देशीय कार्मिकों के नवीनीकरण पर रोक लगा दी। इसी आधार पर प्रबंध समिति के अध्यक्ष डीएम डॉ. नीरज खैरवाल ने आगामी वर्ष के लिए इनके नवीनीकरण से इनकार कर दिया। ऐसे में सभी 13 कार्मिकों की सेवा 31 जुलाई के बाद समाप्त हो जाएगी।
विज्ञापन


इधर, अस्पताल के अधीक्षक डॉ. वीके टम्टा ने बताया कि अनुबंध पूर्ण होने पर 31 जुलाई को उन्हें हटाया जाना था, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था के तौर इनकी कार्यावधि दो माह और बढ़ाने की अनुमति मांगी र्गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी से अनुमति ली गई है। इसके बाद उक्त कर्मी आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें