महुआखेड़ागंज में ई-कचरा जलने से हो रहे वायु प्रदूषण को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने गंभीरता से लिया है। पीसीबी ने ऐसे 22 उद्योगों को चिह्नित कर उनके बंदी के आदेश मिलने के बाद बृहस्पतिवार को 13 उद्योगों को सील करा दिया है।
मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों से ई-कचरा लाकर यहां महुआखेड़ागंज, अहरपुरा क्षेत्र के उद्योगों की भट्ठियों में जलाया जा रहा था।
इससे घातक वायु प्रदूषण फैलने की शिकायतें मिल रही थीं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जनमिलन केंद्र में कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला से की थी। मंडलायुक्त ने पीसीबी को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। 28 दिसंबर 2018 को पीसीबी के अधिकारियों ने पालिका प्रतिनिधियों के साथ छापा मारा। छापे में 22 भट्ठियां ई-कचरा जलाते हुए पाई गई थीं। पीसीबी ने इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी थी।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पीसीबी के सदस्य/सचिव ने प्रदूषण फैलाने के लिए चिह्नित किए गए 22 उद्योगों को बंद करने के आदेश दिए थे। बृहस्पतिवार को पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी सुभाष पंवार, एई राकेश कंडारी के नेतृत्व में एक टीम ने महुआखेड़ागंज में पहुंचकर कचरा जलाने वाले 13 उद्योगों को सील करा दिया। पंवार ने बताया कि पांच उद्योगों में ताले लगे थे। जिनके गेट पर बंदी के नोटिस चस्पा किए गए हैं। कुछ उद्योगों को शुक्रवार को बंद कराया जाएगा। टीम में कानूनगो मोहन लाल, पीसीबी के अनुश्रवण सहायक योगेश रावत आदि थे।
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ये इकाइयां कराई बंद
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