टाटा फैक्ट्री में श्रमिक की मौत के बाद हुए बवाल के बाद प्रबंधन ने 121 प्रशिक्षु और अस्थायी श्रमिकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसकी सूचना श्रमिकों के पते पर स्पीड पोस्ट से भेजी गई है।
टाटा कंपनी में कार्यरत ट्रेनी ऑपरेटर संदीप की बीते शनिवार को हार्टअटैक से मौत हो गई थी। श्रमिकों ने सोमवार को मृतक के परिजनों को 25 लाख मुआवजा, पेंशन और एक सदस्य को नौकरी की मांग को लेकर जमकर बवाल काटा था। आक्रोशित श्रमिकों ने पथराव कर गार्ड रूम के साथ ही तीन वाहनों के शीशे क्षतिग्रस्त करने के साथ ही गमले भी तोड़ दिए थे।
श्रमिकों का गुस्सा शांत कराने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर भी पथराव किया गया था। एसएसपी ने फोर्स के साथ कंपनी पहुंचकर हालात पर काबू पाया था। मामले में सिक्योरिटी इंचार्ज ने एक महिला सहित 11 श्रमिकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
इधर, टाटा प्रबंधन ने बवाल करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया है। कंपनी ने 121 कंपनी ट्रेनी, इंडस्ट्रीयल ट्रेनी, अस्थायी ऑपरेटर, कंपनी ट्रेनी, जॉब ट्रेनी को बाहर कर दिया है। किसी तरह के धरना प्रदर्शन को लेकर कोर्ट के आदेश पर प्रतिष्ठान के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।