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बिना सिक्स-आर बिका 12 हजार क्विंटल धान, हंगामा 

Wed, 03 Oct 2018 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ऊधमसिंह नगर
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रुद्रपुर गल्ला मंडी में हंगामा काटते किसान। - फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर गल्ला मंडी में बगैर सिक्स-आर काटे और मंडी समिति की बोली के बिना आढ़तियों की ओर से धान खरीदे जाने के विरोध में किसानों ने हंगामा किया। उन्होंने मंडी समितियों के कर्मचारियों और अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया। किसानों ने अवकाश के दिन भी सरकारी क्रय केंद्रों में धान खरीद जारी रखने की मांग की। 

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रुद्रपुर क्षेत्र में धान में करीब 22 प्रतिशत नमी होने के कारण सरकारी खरीद नहीं हो पा रही है। इसका फायदा उठाते हुए आढ़ती नमी वाला धान न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम रेट पर खरीद रहे हैं। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार को गल्ला मंडी में किसानों ने हंगामा किया।

आरोप लगाया कि मंडी समिति के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से बगैर सिक्स-आर और नाइन-आर काटे धान आढ़तियों को औने-पौने दामों पर बेचा जा रहा है। आढ़तियों को लाभ पहुंचाने के लिए मंडी कर्मचारी धान की बोली भी नहीं लगवा रहे हैं। इससे सरकार को मंडी शुल्क के रूप में राजस्व की हानि हो रही है। अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति के बैनर तले किसानों ने गल्ला मंडी परिसर में प्रदर्शन के बाद धरना दिया। 
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किसान नेता तजिंदर सिंह विर्क और सुखदेव सिंह ने कहा कि मंगलवार को रुद्रपुर गल्ला मंडी में करीब 12 हजार क्विंटल धान बगैर सिक्स-आर के खरीदा गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों को समर्थन मूल्य दिलाने के लिए पांच अक्तूबर को गल्ला मंडी गेट पर धरना दिया जाएगा। इस दौरान प्रगट सिंह, इकबाल सिंह, जगदीश सिंह, वीर सिंह, सुखदेव सिंह, गुरुपाल सिंह, गुरजीत सिंह, जसवीर सिंह, राजेंद्र सिंह, जागीर सिंह, सादा सिंह आदि थे। 

शोपीस बना मंडी समिति का कार्यालय 
रुद्रपुर। धान खरीद के लिए गल्ला मंडी में खोला गया रुद्रपुर मंडी समिति का कैंप कार्यालय सफेद हाथी साबित हो रहा है। किसानों का कहना है कि यहां मंडी समिति का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं रहता है। ड्यूटी के नाम सिर्फ सुरक्षा गार्ड तैनात रहता है। कार्यालय के भीतर नमी मापक यंत्र आदि का इस्तेमाल तक नहीं किया जा रहा है। किसानों को मजबूरी में 1400 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेचना पड़ रहा है। 

मंडी समिति सचिव पर वादाखिलाफी का आरोप 
रुद्रपुर। किसानों ने मंडी समिति की सचिव पर किसानों के साथ सहयोग न करने का आरोप लगाया। रुद्रपुर गल्ला मंडी में कुछ किसानों ने बताया कि किसानों ने मंगलवार को बिगवाड़ा मंडी समिति में मंगलवार को बैठक की थी। इसके लिए मंडी से सचिव से अनुमति मांगी थी, लेकिन आश्वास देने के बावजूद बैठक के लिए कक्ष उपलब्ध नहीं कराया गया। इस कारण बिगवाड़ा में किसानों की बैठक नहीं हो सकी। 

आज भी नहीं होगी धान की सरकारी खरीद 
रुद्रपुर। मंगलवार को गांधी-शास्त्री जयंती के अवकाश के चलते धान खरीद नहीं हो सकी थी। बुधवार को भी अवकाश होने के कारण सहकारी क्रय केंद्रों पर धान खरीद बंद रहेगी। लगातार दो दिन अवकाश होने के कारण जिले में सरकारी धान की खरीद बंद रहेगी। 

क्या है सिक्स-आर और नाइन-आर
जब कोई किसान अपनी उपज को मंडी में आढ़ती को बेचने जाता है तो रसीद के रूप में सिक्स-आर काटी जाती है। इसमें किसान के धान और उसके मूल्य का विवरण होता है। आढ़ती की ओर खरीदे गए धान के ढाई प्रतिशत शुल्क को मंडी शुल्क के रूप में मंडी समिति को दिया जाता है। बाद में आढ़ती जब किसानों से खरीदे गए धान को दूसरे व्यक्ति को बेचता है तो वह उसे 9-आर काटकर देता है। वहीं, सहकारी क्रय केंद्रों पर एजेंसियां किसानों से खरीदे गए धान के कुल मूल्य का ढाई प्रतिशत शुल्क मंडी समिति को देती हैं। 

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