फैक्ट्रियों ने रोक दी कच्चे माल की डिमांड
रुद्रपुर। पंतनगर सिडकुल के उद्योगों ने 25 जून से कच्चे माल की डिमांड रोक दी है। फैक्ट्रियों में वर्तमान में उसी माल से उत्पादन हो रहा है जो माल उनके पास स्टॉक है, शेष बड़ी कंपनियों की वेंडर कंपनियों में उत्पादन फिलहाल ठप हो गया है। श्रमिकों का फैक्ट्रियों में आना-जाना चालू है लेकिन उत्पादन पर असर पड़ने लगा है। ज्यादातर कंपनियां तीन जुलाई के बाद ही अपना 100 फीसदी उत्पादन शुरू कर पाएंगी। सिडकुल इंटरप्रिन्योर वेलफेयर सोसाइटी का कहना है कि उद्योग जगत जीएसटी का स्वागत करता है, क्योंकि जीएसटी से कारखानों पर ज्यादा भार नहीं पड़ेगा, लेकिन एक जुलाई से नई बिलिंग के कारण फैक्ट्रियों ने अभी माल की डिमांड रोक दी है।
एक जुलाई से पूरे देश में जीएसटी लागू हो जाएगा। इसी को देखते हुए पंतनगर सिडकुल की 451 से अधिक फैक्ट्रियों में 25 जून से उत्पादन का प्रतिशत घटता जा रहा है। जो भी माल फैक्ट्रियों में बचा है, उसी से प्लांट चल रहे हैं। टाटा, बजाज, अशोका लीलैंड आदि ऑटो सेक्टर की वेंडर कंपनियों में प्रोडक्शन नगण्य है। हालांकि फैक्ट्रियों ने श्रमिकों को ड्यूटी पर आने से रोका नहीं है, श्रमिक नियमित ड्यूटी पर जा रहे हैं, लेकिन ऑटो सेक्टर की अधिकतर वेंडर कंपनियां तीन जुलाई के बाद से ही उत्पादन शुरू कर सकेंगी। सिडकुल के सूत्रों के अनुसार सोमवार को 50 से अधिक छोटी फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप रहा। 26 जून को पंतनगर सिडकुल क्षेत्र की तमाम फैक्ट्रियों में रौनक भी नहीं देखी गई। कारखानों के बाहर आए दिन लगने वाली ट्रकों की भीड़ भी नहीं देखी गई।
पंतनगर सिडकुल इंटरप्रिन्योर वेलफेयर सोसायटी के संरक्षक एवं पूर्व अध्यक्ष अजय तिवारी ने बताया कि पंतनगर सिडकुल के उद्योग जीएसटी का स्वागत करते हैं। वर्तमान में कंपनियों ने माल की डिमांड रोक दी है, लेकिन फैक्ट्रियों के पास जो भी माल स्टॉक है उसी से प्लांट चल रहे हैं। उन्होंने माना कि कुछ छोटी वेंडर कंपनियों में ही फिलहाल उत्पादन हो रहा है। यह फैक्ट्रियां जीएसटी लागू होने के बाद उत्पादन शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि अभी क्रय-विक्रय बंद है। जीएसटी के कारण फैक्ट्रियां अपने दस्तावेज तैयार करने में लगी हैं। नई बिलिंग के चलते उत्पादन पर कुछ असर जरूर पड़ेगा, लेकिन वर्तमान में प्लांट चालू हैं।
जीएसटी लागू होने का इंतजार : कुछ फैक्ट्रियां बचे माल से ही कर रहीं उत्पादन
अधिकतर वेंडर कंपनियों में उत्पादन घटा, पंतनगर सिडकुल एसोसिएशन ने कहा- जीएसटी का स्वागत करेंगे
पहले वेंडर कंपनियां 15-15 दिन का स्टॉक रखतीं थीं
रुद्रपुर। जीएसटी की घोषणा से पहले सिडकुल की छोटी वेंडर कंपनियां 15-15 दिन के माल का स्टॉक रखती थीं। प्लांट रात-दिन चालू रहते थे, लेकिन पिछले एक सप्ताह से वेंडर कंपनियों ने माल का स्टॉक लगभग 80 फीसदी कम कर दिया था और अब 25 जून से एक-दो दिन का ही माल स्टॉक में है। इसमें कंपनियां इस बात से भी चिंतित हैं कि कहीं जीएसटी लागू होने के बाद माल की कीमत घट, बढ़ गई तो इसका असर सीधे तौर पर कंपनी को पड़ेगा। इस कारण भी कंपनियां ने माल स्टॉक करना बंद कर दिया है। बजाज कंपनी की वेंडर कंपनी टेक्नोक्रेट कनेक्टिविटी के प्लांट हेड रोशन कुमार का कहना है कि अब माल का स्टॉक ज्यादा दिनों का नहीं रखा जा रहा है। सिर्फ प्लांट चालू रहे, इस तरह से माल को तैयार किया जा रहा है। पहले 15-15 दिन का स्टॉक रखा जाता था। अब जीएसटी के लागू होने के बाद ही उत्पादन में तेजी आएगी। उन्होंने भी कहा कि फैक्ट्रियां जीएसटी का पूरी तरह से स्वागत करती हैं। केंद्र सरकार की योजना बनी है तो इसमें उद्योगों का ख्याल जरूर रखा गया होगा।