रुद्रपुर। नवरात्र के पहले दिन कूटू के आटे से बना भोजन खाने के बाद रंपुरा और सुभाष नगर क्षेत्र के 11 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। इनमें से पांच मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि छह मरीजों को ओपीडी में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों के अनुसार सभी मरीजों की स्थिति अब नियंत्रण में है और गंभीर रहे मरीज भी स्थिर हो चुके हैं।
जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों ने बताया कि भोजन करने के कुछ समय बाद ही उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने लगे। अस्पताल में भर्ती मरीज रंपुरा निवासी रेखा ने बताया कि रात में व्रत में कूटू के आटे से बना खाना खाया था। करीब दो बजे के बाद ही हालत बिगड़ने लगी। इस पर परिजन उसे अस्पताल लाए। सुभाष नगर निवासी सौरभ ने बताया की रात को कूटू से बना खाना खाने से उनके साथ उनकी माता और बहन की हालत भी खराब होने लगी थी। खाने खाने के बाद सभी को चक्कर आने शुरु हो गए और उल्टियां आने लगी थी। अब सभी की हालत स्थिर है। इधर, घटना की सूचना पर समाजसेवी संजय ठुकराल भी अस्पताल पहुंचे। और भर्ती मरीजों का हाल जाना।
ये हुए फूड प्वाइजनिंग के शिकार
सुभाष कालोनी व रंपुरा निवासी 43 वर्षीय रेखा देवी, 20 वर्षीय सोनम, 40 वर्षीय सोमपाल, 10 वर्षीय दीप्ति, 12 वर्षीय किरन, 15 वर्षीय शिवम, 27 वर्षीय सौरभ, 25 वर्षीय कमलेश, 35 वर्षीय बेबी, 16 वर्षीय वर्षा व 35 वर्षीय रामवती।
मोहल्ले की दुकानों से खरीदा था आटा
अस्पताल में भर्ती मरीजों ने बताया कि उन्होंने आटा मोहल्लों की दुकानों से खरीदा था। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग व खाद्य विभाग की टीम हरकत में आ गई है और संबंधित दुकानों से आटे के सैंपल की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि व्रत के दौरान इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें।
फंगस और बैक्टिरिया के चलते फूड प्वाइजनिंग का खतरा
फूड पॉइजनिंग आमतौर पर दूषित, बासी या गलत तरीके से संग्रहित भोजन खाने से होती है। कूटू जैसे आटे में नमी या लंबे समय तक भंडारण के कारण बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं। इसका मुख्य कारण खराब या एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, अस्वच्छ वातावरण में तैयार भोजन, लंबे समय तक खुले में रखा खाना या गलत तापमान पर स्टोरेज किया गया हो।
वर्जन
सुबह 11 मरीज इमरजेंसी में फूड प्वाइजनिंग के पहुंचे थे, इनमें से छह की सामान्य स्थिति को देखते हुए तत्काल उपचार देकर ठीक होने पर भेज दिया गया था। लेकिन पांच अन्य मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई थी। अब सभी की हालत ठीक हो चुकी है और डिस्चार्ज किया जा रहा है। - डॉ. एमके तिवारी, वरिष्ठ फिजिशियन।
कोट
मरीजों के कूटू से बना भोजन खाने से यह स्थिति हुई है। तमाम मरीज अपने साथ बतौर सैंपल आटा भी लाए हैं। इसे जांच के लिए आगे भेज दिया गया है। - डॉ. आरके सिन्हा, पीएमएस।
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लोग बीमार पड़े तो कार्रवाई के लिए दौड़ा विभाग
रंपुरा में अनूप किराना व सब्जी मंडी में राजीव किराना के मालिकों पर दर्ज होगी प्राथमिकी
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। रंपुरा और सुभाष कॉलोनी में कुटू का आटा खाने से लोग बीमार पड़े तो खाद्य विभाग कार्रवाई के लिए दौड़ा। टीम ने रंपुरा में अनूप किराना के प्रतिष्ठान स्वामी रघुवर दयाल गुप्ता व नई सब्जी मंडी स्थित राजीव किराना के प्रतिष्ठान स्वामी नंद किशोर से कुटू के आटे के सैंपल लिए। साथ ही खुले में कुटू के आटे का विक्रय करने पर न्यायालय में वाद दायर कर दिया है। सहायक आयुक्त ललित मोहन पांडे का कहना है कि दोनों दुकानदारों के खिलाफ फूड सेफ्टी का उल्लंघन पर प्राथमिकी की जाएगी।
सहायक आयुक्त, (खाद्य संरक्षा) ललित मोहन पांडे ने बताया कि नवरात्र के मद्देनजर स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा आयुक्त सचिन कुर्वे के निर्देश पर खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान चलाया। टीम ने रंपुरा और सब्जी मंडी क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दो कुटू के आटे के नमूने, एक कुट्टू गिरी का नमूना, एक नमूना मूंगफली और एक नमूना रामदाने का लिया गया।प्रवर्तन टीम ने पांच नमूने लेकर परीक्षण के लिए राज्य खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजा जाएगा। टीम ने दुकानदारों को निर्देश दिए हैं कि कुटू का आटा सीलबंद पैकेट में बेचा जाए। जिस पर निर्माण,पैकिंग,एक्सपायरी तिथि, निर्माण रिपैकर का पूरा विवरण दर्ज हो। इसके अलावा दोनों दुकानदारों ने जिस रिटेलर होल से आटा खरीदा उसके खिलाफ भी टीम कार्रवाई करेगी।