रुद्रपुर। शहर में कई दुकानदार और शोरूम मालिक साप्ताहिक बंदी का पालन नहीं कर रहे हैं। सोमवार को साप्ताहिक बंदी का दिन होने के बावजूद कई प्रतिष्ठान खुले रहे। प्रशासन और श्रम कार्यालय के अधिकारियों की लापरवाही से साप्ताहिक बंदी की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
जिला प्रशासन ने उत्तराखंड दुकान और वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम और नियमावली के तहत शहर में सोमवार को साप्ताहिक बंदी का दिन तय किया है। लेकिन साप्ताहिक बंदी का पालन नहीं किया जा रहा है। सोमवार को विधवानी मार्केट, गोल मार्केट, गुड़ मंडी, मुख्य बाजार, पंजाबी मार्केट, दुर्गा मंदिर गली, सिविल लाइन, काशीपुर बाइपास रोड आदि बाजारों में कईं दुकानों के साथ ही शोरूम भी खुले रहे।
इतना ही मुख्य बाजार में दुकानों के आगे ठेला और फड़ दुकानें सजी रहीं। इस कारण बाजार में कई स्थानों पर लोगों को गुजरने में दिक्कतें हुईं। साप्ताहिक बंदी के दिन दुकानें खुलने से दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों का भी उत्पीड़न होता है।
इस संबंध में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय जुनेजा कहते हैं कि कुछ वर्ष पूर्व तक प्रशासन और श्रम विभाग की सख्ती के कारण साप्ताहिक बंदी के दिन दुकानें बंद रहती थीं, लेकिन वर्तमान में प्रशासन और श्रम विभाग की लापरवाही के कारण फिर से साप्ताहिक बंदी के दिन दुकानें खुलने लगी हैं।
साप्ताहिक बंदी के दिन यूपी से भी पहुंचते हैं अतिक्रमणकारी
रुद्रपुर। साप्ताहिक बंदी का फायदा उठाते हुए रुद्रपुर में सोमवार को यूपी के सीमांत क्षेत्रों के ठेला व्यापारी भी बाजार क्षेत्र में दुकानें सजा देते हैं। इससे अतिक्रमण को बढ़ावा मिलता है, लेकिन प्रशासन और श्रम कार्यालय की तरफ से कार्रवाई न होने से इस पर अंकुश नहीं लग पाता है।
साप्ताहिक बंदी के दिन दुकानें बंद करने का नियम है। यदि कोई व्यापारी दुकान खोलता है तो चालान किया जाएगा। श्रम विभाग के निरीक्षक अनिल पुरोहित टीम के साथ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।
उम्मेद सिंह, उप श्रमायुक्त