नानकमत्ता में गुरुद्वारा दूध वाला कुआं पर अमृत छकने के लिए मौजूद संगत।
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खालसा पंथ सृजना दिवस (बैसाखी) पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के दरबार में मत्था टेक अरदास की। धार्मिक दीवान में पंथ के प्रसिद्ध रागी, कविसरी जत्थों ने संगत को सिखी का इतिहास सुनाकर निहाल किया। बैसाखी पर्व पर 284 धर्म प्रेमियों को पंज प्यारों ने अमृतपान कराकर धर्म की दीक्षा दी।
मंगलवार को 322वां खालसा पंथ सृजना दिवस धूमधाम से मनाया गया। पर्व के उपलक्ष्य में रविवार को रखे गए श्री अखंड पाठ साहिब का मंगलवार को भोग पड़ा। श्री हरमिंदर साहिब परिसर में सजे धार्मिक दीवान में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर से आए जगदीश सिंह वडाला के ढांढ़ी जत्थे, कथावाचक शमशेर सिंह, हेड ग्रंथी लखविंदर सिंह तथा धर्म प्रचारक सुखविंदर सिंह ने संगत को सिखी का इतिहास सुनाकर निहाल किया।
गुरुद्वारा भंडार साहिब में आयोजित अमृत संचार कार्यक्रम में पंज प्यारों ने 87 धर्म प्रेमियों को अमृतपान कराया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशेष लंगर की व्यवस्था की गई थी। वहां गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सेवा सिंह, जरनैल सिंह, महेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह पन्नू, प्रगट सिंह, निशान सिंह, गुरुद्वारा प्रबंधक रणजीत सिंह, रंजीत सिंह ढिल्लो आदि थे।
धार्मिक डेरा कारसेवा की ओर से गुरुद्वारा दूध वाला कुआं पर अमृत संचार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पंज प्यारों ने 197 प्राणियों को गुरमत तथा सिखी मर्यादा के अनुसार अमृतपान कराकर उनको धर्म पर चलने की प्रतिज्ञा दिलाई। धार्मिक डेरा कारसेवा की ओर से धर्म प्रेमियों को धार्मिक चिन्ह निशुल्क दिए गए। वहां डेरा कारसेवा के जत्थेदार बाबा सुरेंद्र सिंह, बाबा तरसेम सिंह, बाबा कश्मीर सिंह, दारा सिंह, दिलबाग सिंह, निरवैर सिंह, सुखविंदर सिंह काला आदि थे।