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खुशखबरी : नेपाल बॉर्डर पर बढ़ गए बाघ

Tue, 24 Sep 2013 10:08 PM IST
अमर उजाला, हल्द्वानी
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बाघों की संख्या को लेकर अच्छी खबर है। नेपाल बॉर्डर से लेकर पीलीभीत सीमा के पास तक प्रदेश के जंगल में बाघ बढ़े हैं।
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बाघों की संख्या बढ़ने के बाद जंगलात ने इलाके में सुरक्षा और बढ़ा दी है। तराई पूर्वी वन प्रभाग के सुरई रेंज में बाघ, तेंदुए रिपोर्ट होते रहे हैं।

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संख्या पता लगाने की योजना
इनकी सही संख्या पता करने को जंगलात ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से इस साल मई में सुरई और अन्य रेंजों में कैमरों की मदद से बाघों की संख्या पता लगाने की योजना बनाई।

इसमें कई स्वचालित कैमरे लगाए गए। वनाधिकारियों के अनुसार इसमें 6 से 7 बाघों की संख्या का पता चला था।

बाघों के बारे में जानकारी जुटाई
अब हाल में बाघों के मूवमेंट को लेकर जंगलात ने अध्ययन शुरू किया है। इसके तहत सुरई, खटीमा रेंज से लेकर किलपुरा रेंज में बाघों के बारे में जानकारी जुटाई गई है।
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उप प्रभागीय वनाधिकारी खटीमा राजेश श्रीवास्तव कहते हैं कि जो शुरुआती जानकारी आई है, वह शानदार है। हमारी तीन रेंजों में टाइगर की अच्छी संख्या का पता चल रहा है।
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बड़े भूभाग में स्टडी की योजना
इसमें पीलीभीत प्रभाग सीमा से सटे सुरई रेंज में ही करीब छह से सात बाघ, किलपुरा रेंज में तीन और नेपाल सीमा के पास खटीमा रेंज में दो बाघ रिपोर्ट हुए है।

जल्द ही फिर से बाघों का कैमरा ट्रैप के माध्यम से बड़े भूभाग में स्टडी की योजना है, जिसमें और सटीकता से पता चल सकेगा।

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आधुनिक संसाधनों की मदद लेने की योजना
डीएफओ प्रसन्न पात्रों कहते हैं कि बाघों की सुरक्षा को लेकर पूर्व में यूपी के पीलीभीत वन प्रभाग के साथ लगातार समन्वय बना हुआ है।

सुरक्षा को लेकर नए सिरे से विचार-विमर्श किया गया है, इसके बाद संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा कर्मियों को बढ़ाने, आधुनिक संसाधनों की मदद लेने की योजना है।

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किलपुरा रेंज में 150 गजराज
प्रभाग की किलपुरा रेंज हाथियों से भरी हुई है। यहां पर एक-दो नहीं बल्कि करीब 150 तक गजराज हैं। एसडीओ श्रीवास्तव कहते हैं कि इस इलाके में भी सुरक्षा को लेकर खास ध्यान रखा जा रहा है।
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