उत्तराखंड में आई आपदा पर जहां पूरे देश के लोग एक होकर मदद को आगे आ रहे हैं, वहीं कुछ शख्स ऐसे भी हैं जो आपदा के शिकार लोगों का शोषण कर देवभूमि को शर्मसार कर रहे हैं। ऐसा ही वाकया राजस्थान के यात्रियों के साथ हुआ।
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एक पैकेट बिस्किट के 100 रुपये
15 जून को चांदपुर चौका, जोधपुर निवासी कैलाश सांकला अपनी पत्नी, चार साल के पुत्र प्रीतम और धर्मपिता रामराज सैनी के साथ केदारनाथ पहुंचे। यहां वे जोधपुर गेस्ट हाउस में रुके।
वहां खाने की व्यवस्था नहीं हो पाई। बेटे को भूख से बिलखता देख जब वो बिस्किट लेने पहुंचे तो दाम सुनकर होश उड़ गए। उन्हें एक पैकेट बिस्किट के 100 रुपये चुकाने पड़े।
तस्वीरों में: आसमान से बरसी आफत
कैलाश के मुताबिक 16 जून को जब भयंकर बाढ़ आई तो उन्होंने परिवार के साथ ऊपरी मंजिल पर शरण ली। विनाशलीला थमने के बाद परिवार के साथ उरेडा के पावर हाउस तक पहुंचे। यहां उनसे शरण देने की एवज में तीन हजार रुपये मांगे गए।
सारा सामान मलबे में दब चुका था और उनके पास केवल पांच हजार रुपये बचे थे। 18 जून को राहत एवं बचाव दल जब उन्हें लेने पहुंचा तो हेलीकाप्टर तक उनके बीमार पिता को पहुंचाने के भी दो हजार रुपये वसूल लिए गए।
आंखों से आंसू छलक पड़े
जब रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल पहुंचने पर किसी ने बेटे को कुरकुरे का पैकेट थमाया तो कैलाश की आंखों से आंसू छलक पड़े। इसके बावजूद उन्हें किसी से शिकायत नहीं है। बस परिवार सकुशल बचने पर वो भगवान का शुक्रिया अदा कर रहे हैं।