विपरीत मौसम और विषम परिस्थिति की वजह से केदारनाथ धाम में मलबे से शवों को निकालने का काम मुश्किल हो गया है।
धाम में लगातार बारिश हो रही है। शव अब सड़ने लगे हैं। छूने भर से मांस के लोथड़े हाथ में आ जा रहे हैं। उनकी दुर्गंध से पुलिस के भी पांव उखड़ रहे हैं।
जहां देखो वहीं शव पड़े हुए हैं। भवनों के अंदर, मलबे में शव दबे हुए हैं। इन्हें निकालने में भवनों के ढहने का खतरा है। इसके अलावा कई शव खतरनाक चट्टानों में फंसे हुए हैं।
इन परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस अब शासन से शव निकालने के लिए स्पेशल फोर्स की डिमांड कर रही है।
मौजूदा समय में केदारनाथ धाम में सिर्फ पुलिस ही मौजूद हैं। पुलिस भी धाम से करीब दो किमी दूर टेंट लगाए हुए है। मंदिर क्षेत्र तक पहुंचने के लिए पुलिस को दो स्थानों पर डंडों के सहारे नदी पार करना पड़ रहा है।
डीआईजी गढ़वाल परिक्षेत्र अमित कुमार सिन्हा ने बताया कि जो शव खुले में पड़े हुए थे, उनका दाह संस्कार कर दिया गया है। अब जो रह गए हैं, वे भवनों के अंदर मलबों या दीवारों में फंसे हुए हैं।
यदि इन शवों को निकालने के लिए मलबा हटाया जाता है, तो भवन भी ढह जाएंगे। जो सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक हैं। शवों की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। कैंप में रह रहे जवानों की भी दुर्गंध से तबीयत बिगड़ रही है।
स्वास्थ्य की दृष्टि से शवों का निस्तारण जरूरी है। इसलिए शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है कि शवों को निकालने के लिए विशेष फोर्स की जरूरत है, जो चट्टानों और मलबे से शव निकाल सके।