लोनिवि के इंजीनियर भी कमाल के हैं। उन्हें सड़क काटने के दस साल बाद पता चला कि इसका एलाइनमेंट ही गलत है। इतना ही नहीं अब विभाग ने सड़क को ठीक करने के लिए लाखों रुपये अतिरिक्त खर्च कर पौने दो किमी सड़क का एलाइनमेंट बदल दिया है।
उत्तरकाशी से बदरी-केदार की सड़क दूरी कम करने के लिए उत्तरकाशी-अयांरकाखाल मोटर मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। लोनिवि घनसाली ने बूढ़ाकेदार से अयांरकाखाल तक 10 साल पहले सड़क काट ली थी। उत्तरकाशी लोनिवि सड़क बनाते हुए अयांरकाखाल के नजदीक पहुंचने लगा, तो मुख्य अभियंता ने उत्तरकाशी लोनिवि को पहले टिहरी की ओर से बनी सड़क के एलाइमेंट से 10-12 मीटर नीचे सड़क काटने को कह दिया। इस पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए, तो पता चला कि बूढ़ाकेदार से अयांरकाखाल तक बनी सड़क का एलाइनमेंट ही गलत है। इसमें सुधार के लिए जहां लोनिवि को फिर से फारेस्ट की एनओसी लेनी पड़ेगी, वहीं पौने दो किमी सड़क फिर से बनानी पड़ेगी। लोनिवि घनसाली के ईई डीएल वर्मा ने कहा कि बूढ़ाकेदार की ओर से पौने दो किमी तक एलाइमेंट बदलना पड़ेगा, जिसमें एक साल का वक्त लग सकता है। विभाग ने एलाइनमेंट टीक करने के लिए पौने दो किमी सड़क बनाने के लिए 161 लाख रुपये इस्टीमेट तैयार किया है।
बदरी-केदार की दूरी होगी 15 किमी कम
सड़क बनने से उत्तरकाशी से चार धाम यात्रियों को भी सुविधा होगी। खासतौर पर बदरी- केदार जाने वाले यात्रियों को 15 किमी कम दूरी तय करनी पड़ेगी। प्रधान सत्ता देवी, भगवत सिंह राणा और कमल सिंह राणा ने कहा कि एलाइनमेंट बदलने से मंदिरों को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने लोनिवि से वहां स्थित मंदिर की मरम्मत करने की मांग की है।
2005 में हुआ था एलाइनमेंट
नई टिहरी। बूढ़ाकेदार-अयांरकाखाल 17 किमी मोटर मार्ग वर्ष 1991 में स्वीकृत किया गया था। वर्षों बाद भी जब लोनिवि ने निर्माण शुरू नहीं किया तो 2001 में ग्रामीणों बड़ा आंदोलन किया। तब लोनिवि ने जल्द काम शुरू करने का आश्वासन दिया। 2005 में विभाग ने सर्वे तो कर दिया, लेकिन काम शुरू नहीं किया। बाद में सड़क से वंचित मेड, मरवाड़ी, निवालगांव और आगर के लोगों ने फिर से आंदोलन किया। उसके बाद 2007 में सड़क निर्माण शुरू कर तीन साल में अयांरकाखाल तक सड़क पहुंचाई। अब उत्तरकाशी की ओर से अयांरकाखाल तक सड़क पहुंचाने का काम शुरू होने पर पता चला कि एलाइनमेंट ही गलत है।
सड़क के एलाइनमेंट में पहले गड़बड़ी हुई है। अब पहले उसमें सुधार करने की जरूरत है। इसके लिए कौन दोषी है, यह बाद में देखा जाएगा।
-केके श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता लोनिवि।