थौलधार ब्लॉक के मंजकोट, बनस्यूण गांव में पानी का भारी संकट बना हुआ है। वर्ष 1980 में बनी पेयजल लाइन लीकेज होने से यह समस्या पैदा हुई है। समस्या के समाधान के लिए दोनों गांव के लोगों ने पेयजल योजना का पुनर्गठन करने की मांग की है।
मंजकोट और बनस्यूण गांव के लिए वर्ष 1980 में कुंडगाड से पेयजल योजना का निर्माण किया था। 37 साल पहले बनी कुंडगाड पेयजल योजना अब जवाब देने लगी है। जगह-जगह पानी लीकेज होने से गांवों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
मंजकोट गांव में 20 परिवारों के अलावा इंटर कॉलेज, हाईस्कूल और प्राथमिक विद्यालय है। बनस्यूण गांव में 90 परिवार निवासरत हैं। प्रधान जयेंद्र सेमवाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र प्रसाद जोशी, बिजेंद्र सेमवाल और दाताराम नौटियाल ने बताया कि कुंडगाड़ पेयजल स्रोत पर पानी पर्याप्त है, लेकिन पाइप लाइन लीकेज होने से गांव तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
जिससे लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। बताया कि पूर्व में बीडीसी बैठक के माध्यम से जल निगम और जल संस्थान को योजना पुनर्गठन का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन विभागीय अधिकारी ग्रामीणों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे है।
जल संस्थान के अवर अभियंता गिरीश सेमवाल ने बताया कि मंजकोट, बनस्यूण गांव की पेयजल योजना के पुनर्गठन का प्रस्ताव जिला योजना में रखा गया था, लेकिन बजट की स्वीकृति नहीं मिल पाई है।