वर्ष 1980 में बनी पांच किमी सिंगल रोड का नहीं हो पाया है डामरीकरण
वन विभाग न खुद बना रहा है और न लोनिवि को दे रहा है सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
नई टिहरी। जाखणीधार तहसील और अखोड़ीसैण गांव को जोड़ने वाली वन विभाग की पांच किमी सिंगल रोड को 45 सालों से सुधारीकरण और डामरीकरण का इंतजार है। पूरी रोड खस्ताहाल होने से अखोड़ीसैण के ग्रामीणों और तहसील के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ ही आमजन को जोखिमभरा सफर करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले 15 सालों से लगातार सड़क के डामरीकरण की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पेटव से जाखणीधार तहसील होते हुए अखोड़ीसैण गांव को जोड़ने वाली पांच किमी सिंगल रोड करीब 1980 में बनाई गई थी। 2002-03 में कोश्यार में तहसील भवन निर्माण के दौरान डेढ़ किमी सड़क का डामरीकरण किया गया था लेकिन चार-पांच साल बाद ही डामरीकरण उखड़ना शुरू हो गया था। उसके बाद पेटव से कोश्यार तहसील होते हुए अखोड़ीसैण तक पांच किमी सड़क का सुधारीकरण कर डामरीकरण करने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन कोई सुध नहीं ली जा रही है।
गांव के जसपाल सिंह पंवार, वीरेंद्र सिंह पंवार और वीर सिंह पंवार ने बताया कि वे 15-16 सालों से सड़क लोनिवि को हस्तांतरित कर चौड़ीकरण और डामरीकरण करने की मांग कर रहे हैं लेकिन वन विभाग न तो खुद ही सड़क का सुधारीकरण कर रहा है और न ही लोनिवि को हस्तांतरित कर रहा है जिससे करीब 250 की आबादी वाले अखोड़ीसैण के लोगों के साथ ही तहसील आवागमन करने वालों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वन क्षेत्र की सड़कों का डामरीकरण करने का प्राविधान नहीं है। भारत सरकार के वन मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद ही रोड लोनिवि को हस्तांतरित की जा सकती है।
- जन्मेजय रमोला, उप प्रभागीय वनाधिकारी नई टिहरी।