टीएचडीसी आईएचईटी में आयोजित हुई कार्यशाला
नई टिहरी। टीएचडीसी हाइड्रो पावर प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी संस्थान भागीरथीपुरम में सिद्धांत और व्यवहार के बीच अंतर को लेकर आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने वर्चुअल लैब के महत्व से रूबरू कराया। कहा कि वर्चुअल लैब प्राकृतिक आपदाओं से लेकर अन्य रुकावटों के समय पठन-पाठन गतिविधि बाधित होने से बचाता है।
टीएचडीसी आईएचईटी में आयोजित कार्यशाला में निदेशक डॉ. शरद कुमार प्रधान ने कहा कि संस्थान अपने स्तर पर वर्चुअल लैब तैयार करने के लिए प्रयासरत है। आईआईटी रुड़की से आए विशेषज्ञ अमित कुमार शर्मा, चेतन और जसबीर सिंह ने वर्चुअल लैब के महत्व से छात्र-छात्राओं को रूबरू कराया। कार्यक्रम समन्वयक डीन छात्र कल्याण डॉ. सुलक्षणा शर्मा ने बताया कि सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से राष्ट्रीय मिशन के तहत एमएचआरडी की एक पहल पर कार्यशाला आयोजित की गई है जिसमें विशेषज्ञों ने संस्थान में अध्ययनरत 200 छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया है।